Description
रामायण की मौन नायिकाएँ रामायण के उन स्त्री पात्रों की प्रेरक गाथा है, जिनके त्याग, धैर्य, बुद्धिमत्ता और आत्मबल ने इस महान महाकाव्य को नई दिशा दी। यह पुस्तक सीता, उर्मिला, कैकेयी, मांडवी, श्रुतकीर्ति, शबरी, तारा और मंदोदरी जैसी नायिकाओं के जीवन, संघर्ष, निर्णय और व्यक्तित्व का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करती है।
लेखिका मंजू सनाढ्य ने इन पात्रों को केवल धार्मिक दृष्टि से नहीं, बल्कि सामाजिक, मानवीय और नारी-सशक्तिकरण के परिप्रेक्ष्य में समझने का प्रयास किया है। यह पुस्तक पाठकों को रामायण को एक नए दृष्टिकोण से देखने तथा भारतीय संस्कृति में स्त्री की भूमिका को समझने का अवसर प्रदान करती है।
मंजू सनाढ्य भारतीय संस्कृति, पौराणिक साहित्य और नारी-विमर्श में गहरी रुचि रखने वाली लेखिका हैं। उनके लेखन की विशेषता यह है कि वे ऐतिहासिक और पौराणिक पात्रों को आधुनिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती हैं, जिससे पाठक उनके व्यक्तित्व और जीवन-संदेश को नए आयामों में समझ सकें।
रामायण की मौन नायिकाएँ उनकी एक चिंतनशील कृति है, जिसमें उन्होंने रामायण की उन स्त्री पात्रों को केंद्र में रखा है जिनके त्याग, धैर्य, बुद्धिमत्ता और आत्मबल ने कथा को दिशा दी, लेकिन जिन्हें इतिहास में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया। इस पुस्तक के माध्यम से लेखिका ने सीता, उर्मिला, कैकेयी, मांडवी, श्रुतकीर्ति, शबरी, तारा और मंदोदरी जैसी नायिकाओं के व्यक्तित्व को संवेदनशीलता और गहन अध्ययन के साथ प्रस्तुत किया है।
लेखिका का मानना है कि साहित्य केवल अतीत को याद करने का माध्यम नहीं, बल्कि वर्तमान समाज को समझने और बेहतर भविष्य का मार्ग प्रशस्त करने का साधन भी है। उनके लेखन में भारतीय जीवन-मूल्यों, संवेदनाओं और नारी-शक्ति का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। ✨
— मंजू सनाढ्य
ISBN: 9788168788633
Publisher: Sjain Publication
Number of Pages: 98
Dimensions: 5.5"x8.5"
Interior Pages: B&W
Binding:
Paperback (Perfect Binding)
Availability:
In Stock (Print on Demand)