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अनकहे एहसास
कुछ एहसास शब्दों के मोहताज नहीं होते,
वे खामोशी में जन्म लेते हैं और दिल में अपनी जगह बना लेते हैं।
“अनकहे एहसास” उन भावनाओं का संग्रह है, जिन्हें हम महसूस तो बहुत करते हैं, मगर हर बार कह नहीं पाते। कभी किसी की पहली मुलाकात दिल में ठहर जाती है, कभी एकतरफ़ा मोहब्बत अधूरी होकर भी खूबसूरत लगती है, कभी रिश्तों की दूरी बहुत कुछ कह जाती है और कभी टूटकर संभलना हमें खुद से मिला देता है।
इस किताब की हर कविता और शायरी किसी न किसी ऐसे एहसास को शब्द देने की कोशिश है, जो शायद आपके दिल में भी कभी रहा हो—
मोहब्बत, इंतज़ार, बिछड़ना, यादें, खामोशी, उम्मीद और एक नई शुरुआत।
शायद इन पन्नों में आपको अपनी कोई अधूरी कहानी, कोई भूली हुई याद या कोई ऐसा एहसास मिल जाए, जिसे आपने कभी किसी से कहा नहीं।
क्योंकि कुछ एहसास कहे नहीं जाते…
बस महसूस किए जाते हैं।
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