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मनाली के पहाड़ों में एक बेपरवाह ट्रेकिंग गाइड, विहान, किसी पर भरोसा नहीं करता — न दोस्ती पर, न प्यार पर, न ख़ुद पर भी। एक हिमस्खलन में उसकी मुट्ठी से हवा फूट पड़ती है। सदियों पहले पाँच ऋषियों ने एक अनंत, विनाशकारी भूख को पाँच तत्वों में बाँट दिया था — अग्नि, जल, वायु, धरती, आकाश। अब वायु जाग चुकी है, और विहान को समूह के साथ जुड़ना सीखना है — ठीक तब जब तारा से गहराता रिश्ता और शमशेर की मिलिशिया का ख़तरा दोनों उसे तोड़ने पर तुले हैं। तेजस, ईशा, नायरा और कबीर के साथ, विहान की सबसे बड़ी लड़ाई ख़ुद से है — भरोसा करना सीखना, इससे पहले कि भरोसे का ज़हर सबको लील जाए। पंचतत्व — छह किताबों की एक सीरीज़। "प्रभंजन" इस सफ़र की तीसरी किताब है, जहाँ वायु पहली बार जागती है।
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