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मुंबई के आसमान में उड़ता एक अनाथ पायलट, शौर्य, ज़मीन से जितना दूर रहे उतना बेहतर महसूस करता है। एक हादसे में उसकी हथेलियों से आकाश की शक्ति फूट पड़ती है। सदियों पहले पाँच ऋषियों ने एक अनंत, विनाशकारी भूख को पाँच तत्वों में बाँट दिया था — अग्नि, जल, वायु, धरती, आकाश — और अब पाँचों तत्व जाग चुके हैं। ज़ोया उसे ज़मीन से जोड़ने की कोशिश करती है, जबकि अरबपति कुबेर की नज़र आकाश की शक्ति पर टिकी है। आठ अजनबी आख़िरकार एक साथ आ खड़े होते हैं — तेजस, ईशा, नायरा, कबीर, विहान, तारा, मीरा और विराज। पंचतत्व — छह किताबों की एक सीरीज़। "व्योम" इस सफ़र की पाँचवीं किताब है, जहाँ सभी पाँचों तत्व और उनके धारक आख़िरकार एक साथ आते हैं — और यह मिलन ही अंत की शुरुआत है।
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