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नौ साल से सूरज नहीं निकला। सत्रह साल की इरा के पास माँ का दीया है, एक छोटा भाई है जिसने कभी सूरज नहीं देखा, और पिता की चिट्ठियाँ हैं जो हर बार अधूरी रह जाती हैं। सच यह है कि नौ साल पहले उसे बचाने के लिए पिता ने पूरा सूरज तोड़ दिया था। अब सात रखवालों के पास उसके टुकड़े हैं, और हर रखवाला उसकी एक याद माँगता है: लोरी, हँसी, पिता का चेहरा, पिता की आवाज़। क्या एक बेटी रोशनी लौटाने के लिए अपने पिता को ही भूल जाएगी?
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