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जो गाँठ चार हज़ार बरस पहले बँधी थी, उसे खोलें या थामे रहें?
दिसंबर 2031। कबीर का नाम हर रिकॉर्ड से मिट चुका है। सिर्फ़ अनाया और अम्मी-जान रेवती को वह याद है।
पहली गाँठ 2600 ईसा-पूर्व के मेहर में बँधी थी, जहाँ आनी मनके बनाती थी और कवि मुहरें काटता था। डॉ. रुद्र सेन उस गाँठ को काट देना चाहता है, ताकि हर दर्द मिट जाए।
अब अनाया और कबीर को तय करना है: गाँठ खोल दें, या दर्द के साथ भी एक-दूसरे को थामे रहें।
आदि गाँठ 'कालतंतु' की पाँचवीं और अंतिम पुस्तक है।
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