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यात्रा के बारह साल बाद वलय-ख की फ़सल अचानक पीली पड़ने लगी है। जल-अनुपात में एक अज्ञात लवण मिला है, और सब पूछ रहे हैं कि यह कहाँ से आया।
अठारह साल का कबीर मैत्र कृषि-जल-परिषद का सबसे युवा सदस्य है। उसके सामने तोड़फोड़ का शक है, और नौका में पहली बार "नौकावालों" और "धरतीवालों" के बीच बहस उठती है।
क्या कबीर पानी का चक्र समय रहते पढ़ पाएगा, इससे पहले कि नौका की भूख पर भरोसा टूट जाए?
जल-चक्र वसुधा-नौका की दूसरी पुस्तक है: खेती-वलय की पीली पड़ती फ़सल, जल का एक अनजान लवण और "नौकावालों" बनाम "धरतीवालों" की पहली दरार की विज्ञान-कथा।
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