You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution
बाकू में एक आदमी ग़ायब हुआ था। सालों बाद उसका निशान तेहरान की एक अधूरी फ़ाइल में मिलता है, उस फ़ाइल में जिसे खोलना बहराम काग़ज़ी नाम के बिचौलिए की ज़रूरत है। उसके दाएँ हाथ की तर्जनी नहीं है, और जेब में एक लाल किताब है।
अनाया, कबीर, नताशा और लेवी की टीम फ़ाइल का पीछा करते हुए ईरान के रेगिस्तान तक पहुँचती है, जहाँ बत्तीस आईआर-2एम रोटर सौदे की मेज़ पर रखे जाने वाले हैं। इस सौदे में हर रास्ते के दो छोर हैं, और हर नाम की अपनी क़ीमत।
जो लोग नज़र नहीं आते, वही सबसे ज़्यादा काम करते हैं। यह कहानी उन्हीं की एक ऐसी रात की है जो कभी पूरी नहीं हुई।
Currently there are no reviews available for this book.
Be the first one to write a review for the book तहरान की अधूरी रात.