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गाल के एक निजी संग्रह-कक्ष में अनुषा परेरा को पुरानी तस्वीर और उसकी छपी प्रति में एक चेहरा अलग मिलता है। दस दिशाएँ देखने की पारिवारिक कथा से जुड़ी काँच की वस्तु, प्रदर्शनी और पानी से घिरते रास्ते उसके काम को एक कठिन जाँच में बदल देते हैं। दशानन की छाया में किसी छवि का रहस्य खोलना उतना ही जरूरी है जितना उसे गलत प्रमाण बनने से रोकना।
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