You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution
नवल पंप और इंजन ठीक करता है। ईरा अपने परिवार की जमीन पर पौधों की नर्सरी सँभालती है। पानी को लेकर शुरू हुआ टकराव उन्हें एक ही मेड़ के दो ओर ला खड़ा करता है।
खेतों को फिर से हरा करने की कोशिश में वे उस दूरी को भी पहचानते हैं जो दो लोगों के बीच दिखाई नहीं देती। मिट्टी, पानी और अधूरे प्रेम की एक धीमी, गहरी कहानी।
Currently there are no reviews available for this book.
Be the first one to write a review for the book धान की मेड़ पर तुम्हारा नाम.