You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution
चार सेकंड में कितना कुछ बचाया जा सकता है, और कितना खोया?
चंडीगढ़ के सेवानिवृत्त कर्नल विक्रमजीत राठौड़ अपने आसपास का समय चार-पाँच सेकंड धीमा कर सकते हैं। पर हर बार उनके चेहरे और हाथों पर बरसों की उम्र उतर आती है।
एक तरफ़ पत्नी नीलिमा है, दूसरी तरफ़ अमेरिका में रहती बेटी अनन्या, और बीच में अनुनाद अनुसंधान केंद्र का एक विश्वासघात जो सब कुछ उलझा देता है।
अगर वक़्त के चार सेकंड आपके हाथ में हों, तो आप उन्हें किस पर खर्च करेंगे?
धैवत: चार सेकंड सप्तस्वर शृंखला की छठी पुस्तक है: निकट-भविष्य के भारत में सात स्वरधारियों, उनकी शक्तियों की कीमत और एक अनसुलझे सवाल की कहानी।
Currently there are no reviews available for this book.
Be the first one to write a review for the book धैवत: चार सेकंड.