You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution
जागरण और कालरानी के बाद मणिधारक की यात्रा अंतिम युद्ध तक पहुँचती है। समर श्रीवास्तव की देह अपनी जागी शक्तियों का मूल्य चुका रही है, जबकि तमिस्र का अंधकार प्रकाश, स्मृति और समय को मिटाने बढ़ रहा है। सांच्या और अल्का के साथ समर को ऐसी शक्ति धारण करनी है जो एक नश्वर मनुष्य के लिए असह्य है। नागमणि गाथा की अंतिम पुस्तक प्रलय में प्रेम, बलिदान और मनुष्यता का चुनाव सृष्टि के भविष्य से जुड़ जाता है।
Currently there are no reviews available for this book.
Be the first one to write a review for the book नागमणि गाथा: पुस्तक तीन - प्रलय.