You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution
रुद्र शेखावत पूर्व BSF जवान है। 2026 की एक गश्त में उसके तीन साथी रेत-तूफ़ान और धोखे में मारे गए थे, और हर साल वह उनके नाम के तीन दीये जलाता है। पत्नी उर्मिला और नौ साल की बेटी कृतिका उसकी दुनिया हैं। अक्टूबर की एक रात उसका शरीर रेत में बदलने लगता है। पर नमी और बारिश में वह भारी और धीमा पड़ जाता है, और बार-बार रेत बनने से उसे अपनी पहचान का भ्रम होने लगता है। उधर सीमा की ओर एक अजीब मौन फैल रहा है। क्या रुद्र उस चुप्पी का सच जान पाएगा?
Currently there are no reviews available for this book.
Be the first one to write a review for the book मरुधर: रेत पर पहला ख़त.