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समुद्र के नीचे एक बंद द्वार है। और कुछ हाथ, जिनके नाम कहीं नहीं हैं।
एक समुद्री सर्वे में सायरा को पत्थरों के बीच एक कक्ष मिलता है। उसकी चूने की सील के पीछे पानी की अपनी धड़कन है। राघव की नाव, लिविया के सवाल और मुरुगन की कहानी उन्हें उन हाथों तक ले जाते हैं जिन्होंने मिलकर उसे बनाया था। लेकिन समुद्र में उतरी हर नाव खोजने नहीं आई है। कुछ लोग इस रहस्य की कीमत तय करने लगे हैं।
तूफान आने से पहले सायरा को तय करना है: क्या बचाना है, क्या लौटाना है, और किसे सुनना है।
यह पूर्णतः काल्पनिक उपन्यास है। यह किसी वास्तविक धार्मिक स्थल, संरचना या ऐतिहासिक दावे का प्रमाण नहीं है।
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