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हर रात एक उजड़े स्टेशन पर अनय और इरा मिलते हैं। उनके बीच दो पटरियाँ हैं, और दो घड़ियाँ अलग दिशाओं में चलती हैं। अनय के लिए अगला दिन आता है। इरा के लिए पिछला।
पंद्रह मिनट की मुलाकातों में दो अजनबी एक-दूसरे की आदतें, डर और अधूरे फैसले जानने लगते हैं। मगर जिस सुबह तक वे दोनों पहुँच रहे हैं, वह उनके मिलने की आखिरी संभावना भी हो सकती है।
नींद में मिला प्रेम क्या जागती दुनिया में अपना रास्ता बना पाएगा?
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