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रात के जंगल में एक पुरानी सभा जुटी है। तारापीठ में ईरा का तीसरा साल है। पिछली दो सालों में कुछ बड़े सच छिपे हैं और कुछ सवाल बाक़ी हैं। इस बार जंगल की गहराई में नागों की एक रहस्यमय सभा सुनाई पड़ती है, जो सदियों में कभी-कभार ही खुलती है। जब बचपन के बड़े अपने सच सामने रख पाएँ, तो आप कितना दे सकते हैं? सर्प-सभा का रहस्य तारापीठ गाथा की तीसरी पुस्तक है: जादू, दोस्ती और अधूरी भारत-यात्रा के बीच छिपी दुनिया की कहानी।
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