You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution
"जीवन दर्पण" एक ऐसा कहानी-संग्रह है जो मनोरंजन के साथ-साथ जीवन के गहन सत्यों को उजागर करता है। इसमें लेखक ने अपने अनुभवों, विचारों और संवेदनाओं के माध्यम से मानव जीवन के विविध आयामों को सहजता और गहनता से प्रस्तुत किया है।
इस संग्रह की कहानियाँ केवल घटनाओं का विवरण नहीं, बल्कि जीवन की व्याख्या हैं, जहाँ प्रेम, मित्रता, साहस, ममत्व और सामाजिक संवेदनाएँ एक साथ चलती हैं। भाषा सरल है, पर विचार गंभीर; शैली सरल है, पर भावनाएँ गूढ़।
संतोष कुमार ने इन कहानियों के माध्यम से यह दिखाने का प्रयास किया है कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और जीवन-प्रेरणा का स्रोत भी है।
"जीवन दर्पण" पाठक को हँसाता भी है, रुलाता भी है — और अंततः उसे स्वयं से मिलने की दिशा में ले जाता है। यह पुस्तक हर उस पाठक के लिए है जो जीवन के साधारण पलों में असाधारण अर्थ खोजने की संवेदना रखता है।
Currently there are no reviews available for this book.
Be the first one to write a review for the book जीवन दर्पण.