You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution
पुस्तक परिचय
"नवोदय के सात साल" केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि यादों, भावनाओं और जीवन के उन अनमोल पलों का सच्चा दस्तावेज़ है, जिन्हें समय कभी मिटा नहीं सकता।
इस पुस्तक में लेखक सोनू मीणा ने जवाहर नवोदय विद्यालय, बूंदी में बिताए अपने सात वर्षों की वास्तविक घटनाओं, दोस्ती, शरारतों, संघर्षों, सफलताओं, हार-जीत, खेल, हॉस्टल जीवन, शिक्षकों के स्नेह और जीवन को बदल देने वाले अनुभवों को सरल, सहज और भावनात्मक शैली में प्रस्तुत किया है।
हर अध्याय पाठक को नवोदय के उस संसार में ले जाता है, जहाँ दोस्त परिवार बन जाते हैं, शिक्षक मार्गदर्शक बन जाते हैं और विद्यालय सचमुच दूसरा घर बन जाता है। यह पुस्तक हँसी, भावनाओं, सीख और आत्मीयता का ऐसा सफ़र है, जिसमें हर पाठक अपने जीवन का कोई न कोई हिस्सा ज़रूर खोज लेगा।
"नवोदय के सात साल" उन सभी विद्यार्थियों को समर्पित है, जिन्होंने कभी घर से दूर रहकर सपनों को जीना सीखा, दोस्ती की असली कीमत समझी और जीवन की सबसे सुंदर यादें अपने विद्यालय में संजोईं।
यदि आपने कभी नवोदय या किसी आवासीय विद्यालय का जीवन जिया है, तो यह पुस्तक आपको अपनी यादों में लौटा ले जाएगी। और यदि नहीं जिया है, तो यह आपको उस अनोखी दुनिया से परिचित कराएगी, जहाँ हर दिन एक नई कहानी और हर दोस्ती जीवनभर की पूँजी बन जाती है।
"कुछ सफ़र मंज़िल तक पहुँचकर खत्म हो जाते हैं, लेकिन नवोदय का सफ़र जीवनभर यादों में साथ चलता है।"
Currently there are no reviews available for this book.
Be the first one to write a review for the book नवोदय में सात साल.