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Brahmansh

Aashik Yadav
Type: Print Book
Genre: Science Fiction & Fantasy
Language: Hindi
Price: ₹179 + shipping
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Description

मैं एक ऐसी कथा लिखना चाहता था जिसमें कोई भी पूर्णतः अच्छा या पूर्णतः बुरा न हो—फिर भी टकराव अनिवार्य हो। इस कहानी में संघर्ष द्वेष से नहीं, बल्कि सत्य की भिन्न-भिन्न व्याख्याओं से जन्म लेता है। यहाँ हर पात्र अपने-अपने स्थान पर सही है, और फिर भी उनके मार्ग एक-दूसरे से टकराते हैं।

इसी कारण वामासुर—एक असुर—और अग्नीश—एक देव—यहाँ शत्रु नहीं, बल्कि मित्र हैं। दोनों का विश्वास है कि मानवों की स्वतंत्र इच्छा ही उनका वास्तविक धर्म है, और इसलिए वे हर संभव प्रयास करते हैं कि मनुष्यों के कर्मों में हस्तक्षेप न करें। उनके लिए संतुलन का अर्थ नियंत्रण नहीं, बल्कि दूरी है।

इसके विपरीत, नीलजीत का दृष्टिकोण अलग है। जब उसे यह बोध होता है कि संपूर्ण संसार एक सूक्ष्म कारागार की भाँति कार्य कर रहा है—जहाँ मानवों की इच्छाएँ, उनके विचार, उनके गुण और अवगुण तक एक गहरे छल का हिस्सा हैं—तब वह हस्तक्षेप करता है। विनाश के लिए नहीं, बल्कि रक्षा के लिए। उसी क्षण से इस कथा की दिशा बदल जाती है।

इस संसार में सुख और दुख की बाँसुरियाँ सबसे शक्तिशाली अस्त्र हैं—इतनी शक्तिशाली कि उनसे देव और असुर दोनों का सामना किया जा सकता है। इनके अतिरिक्त रवि है, जो मायाजाल की रचना कर सकता है; ध्रुव है, जो राक्षस होकर भी मानसिक शक्तियों का स्वामी है; और विराट है, जो नीलजीत का साथी और मंत्र-विद्या का ज्ञाता है। हर पात्र अपनी भूमिका निभाता है, बिना यह जाने कि वह किसके पक्ष में खड़ा है।

क्योंकि यहाँ प्रश्न यह नहीं है कि कौन सही है और कौन गलत। प्रश्न यह है—क्या नीलजीत अपनी योजना में सफल होता है? क्या वह देवताओं पर विजय प्राप्त कर पाता है? और यदि वह जीतता है, तो वह किस प्रकार का संसार रचना चाहता है?

About the Author

आशिक यादव एक भारतीय लेखक और मिथो-फैंटेसी कथाकार हैं, जिनकी रचनाएँ प्रकाश और अंधकार के बीच की सीमाओं पर चलती हैं। उनकी लेखनी भारतीय मिथक, रहस्यवाद, लोककथाओं और गहरे दार्शनिक प्रश्नों से प्रेरित है, जहाँ देवता पूर्णतः पवित्र नहीं होते, असुर केवल बुराई का प्रतीक नहीं होते, और सही-गलत की रेखा धुंधली दिखाई देती है।

उनकी कहानियाँ नियति, स्वतंत्र इच्छा, ब्रह्मांडीय संतुलन और उन अदृश्य शक्तियों की पड़ताल करती हैं जो मानव निर्णयों को आकार देती हैं। डार्क फैंटेसी, हॉरर और दार्शनिक तत्वों का उनका अनोखा मिश्रण वातावरण की गहराई, प्रतीकात्मकता और भावनात्मक रूप से जटिल पात्रों के लिए जाना जाता है।

चाहे कथा प्राचीन लोकों में घटित हो, रहस्यमय आयामों में, या आधुनिक संसार में जहाँ भूली-बिसरी कथाएँ आज भी साँस लेती हैं—आशिक यादव की रचनाएँ पाठकों को यथार्थ, शक्ति और अच्छे-बुरे की प्रकृति पर प्रश्न करने के लिए आमंत्रित करती हैं। उनके लिए लेखन केवल कहानी कहना नहीं, बल्कि मानव आत्मा के भीतर चल रहे द्वंद्व को समझने की एक खोज है।

Book Details

Number of Pages: 123
Dimensions: 5"x8"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

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