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क्या आप अपने मन की उन बातों को कागज़ पर उतारने के लिए तैयार हैं, जिन्हें आपने अब तक अनकहा रखा है?
'अनकही स्याही' केवल एक डायरी नहीं, बल्कि आपके आत्म-साक्षात्कार (Self-Discovery) का एक माध्यम है। लेखिका आकांक्षा अग्रवाल द्वारा विशेष रूप से तैयार किया गया यह 115 पेज का गाइडेड जर्नल, आपको मानसिक स्पष्टता, शांति और आत्म-प्रेम (Self-love) की ओर ले जाने वाला एक मार्ग है।
अक्सर हम दुनिया के शोर में अपनी आवाज़ सुनना भूल जाते हैं। यह जर्नल आपको हर दिन थोड़ा रुकने, गहरी सांस लेने और खुद से जुड़ने का मौका देता है।
इस 115 पन्नों के सफर में आपको क्या मिलेगा?
गहरे आत्म-चिंतन के प्रश्न (Deep Prompts): जो आपके छिपे हुए विचारों और भावनाओं को बाहर लाने में मदद करेंगे।
प्रेरणादायक विचार (Healing Quotes): हर मोड़ पर आपका हौसला बढ़ाने के लिए चुनिंदा सकारात्मक संदेश।
सकारात्मक प्रतिज्ञान (Affirmations): आपके आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य को नई ऊर्जा देने के लिए।
प्रगति का प्रतिबिंब (Final Reflection): 100+ पन्नों के बाद अपनी बदली हुई शख्सियत को महसूस करने के लिए एक विशेष सेक्शन।
खुला आकाश (Free Writing Space): जहाँ आपकी कलम बिना किसी डर या संकोच के अपनी दास्तां लिख सकती है।
यह जर्नल किसके लिए है?
जो तनाव (Stress) और एंग्जायटी को कम कर सुकून पाना चाहते हैं।
जो जर्नलिंग के ज़रिए अपनी 'हीलिंग' (Healing) की यात्रा शुरू करना चाहते हैं।
जो खुद को बेहतर समझना और अपनी छोटी-बड़ी जीत का जश्न मनाना चाहते हैं।
अपनी 'अनकही स्याही' को बहने दें और शब्दों के जादू से अपने भीतर की शांति को खोजें। याद रखिए, आपकी कहानी का सबसे खूबसूरत अध्याय अभी लिखा जाना बाकी है।
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