You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution

Add a Review

Jab Bhagwan Mar Gya

AnilChandra Thakur
Type: Print Book
Genre: Literature & Fiction
Language: Hindi
Price: ₹142 + shipping
Price: ₹142 + shipping
Dispatched in 5-7 business days.
Shipping Time Extra

Description

जब भगवान मर गया अनिलचंद्र ठाकुर द्वारा लिखित एक मार्मिक और संवेदनशील उपन्यास है, जो गमकी नामक एक युवती की कहानी को बयां करता है। गमकी, जो बचपन में अपनी माँ के प्यार और देखभाल से पली-बढ़ी थी, अब एक जवान और सुंदर युवती है। लेकिन उसकी जिंदगी में खुशियों की कमी है। माँ की मृत्यु, पति का त्याग, और पिता के अत्याचार ने उसकी जिंदगी को कठिन बना दिया है।

गमकी का जीवन मिट्टी के बर्तनों के निर्माण और बिक्री में व्यतीत होता है, लेकिन उसकी आत्मा शिवालय में शंकर भगवान की मूर्ति के सामने सुकून पाती है। समाज और परिवार से उपेक्षित, गमकी अपने दर्द और संघर्षों को भगवान के सामने व्यक्त करती है। उसकी कहानी में एक नया मोड़ तब आता है जब एक युवा लड़का उसकी मदद करता है और उसके जीवन में एक नई उम्मीद की किरण जगाता है।

यह उपन्यास गमकी के संघर्ष, उसकी आस्था, और उसकी आत्मा की गहराइयों को उजागर करता है। यह पाठकों को एक ऐसी दुनिया में ले जाता है जहाँ दर्द और पीड़ा के बीच भी उम्मीद और प्यार की किरणें चमकती हैं। जब भगवान मर गया एक ऐसी कहानी है जो दिल को छू जाती है और सोचने पर मजबूर करती है।

About the Author

अनिलचंद्र ठाकुर (13 सितम्बर 1954 – 2 नवम्बर 2007) एक प्रतिष्ठित साहित्यकार थे जो मैथिली, अंगिका, हिंदी और अंग्रेज़ी भाषा में लेखन किया करते थे और ग्रामीण भारत की सामाजिक एवं मानवीय समस्याओं को अपनी रचनाओं में प्रस्तुत करते थे।

जीवन परिचय
अनिलचंद्र ठाकुर का जन्म 13 सितम्बर 1954 को बिहार के कटिहार जिला के समेली गाँव में हुआ था । उन्होंने 1982 में हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की और नवम्बर 1993 से नवम्बर 1994 तक "सुबह" नामक हस्तलिखित पत्रिका का संपादन किया। इसके अलावा वे कोशी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में अधिकारी भी रहे। जीवन के अंतिम समय में उन्हें ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी थी ।

साहित्यिक योगदान
अनिलचंद्र ठाकुर की लेखनी कई भाषाओं में थी: मैथिली, अंगिका, हिंदी और अंग्रेज़ी, और उन्होंने अपने लेखन में ग्रामीण भारत की वास्तविकताओं और संघर्षों को बड़े सजीव तरीके से प्रस्तुत किया ।

उनके प्रमुख प्रकाशित कार्य निम्नलिखित हैं:
मैथिली उपन्यास: "आब मानि जाउ" – एक युवा महिला के जीवन परिवर्तन और संघर्ष का चित्रण।
अंगिका काव्य: "कच" (1975) – अंगिका साहित्य में उनका पहला काव्य खंड।
हिंदी नाटक: "एक और राम" (1981)
हिंदी उपन्यास: "एक घर सड़क पर" (1982)
अंग्रेज़ी उपन्यास: "The Puppets" (1990)
हिंदी कहानी संग्रह: "अनत कहाँ सुख पावै" (2007)
उनकी रचनाएँ अक्सर सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्‍टि से महत्वपूर्ण थीं, जिनमें ग्रामीण जीवन, परंपरा, व्यक्तित्व और सामाजिक संघर्ष का चित्रण मिलता है

संपादकीय और साहित्यिक पहल
"सुबह" पत्रिका के माध्यम से उन्होंने एक ऐसा साहित्यिक मंच तैयार किया जो साहित्य से जुड़ी पारिवारिक और ग्रामीण सामाजिक कहानियों को आम पाठक तक पहुँचाता था। उनकी संपादकीय शैली में संवेदनशीलता और ग्रामीण वातावरण की असली झलक मिलती थी ।
इसके अलावा उनके कई पॉडकास्ट और ऑडियोबुक डिजिटल माध्यम पर उपलब्ध हैं, जिनमें उनके उपन्यास, नाटक और कहानी संग्रह शामिल हैं ।

भाषा और शैली
अनिलचंद्र ठाकुर की लेखन शैली में मानव अनुभवों की जटिलताएँ, सामाजिक वास्तविकता, पाठक के साथ संवेदनात्मक जुड़ाव और ग्रामीण जीवन की सजीव प्रस्तुति प्रमुख थी। वे अपने समय के सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश को साहित्य में आत्मसात करने के लिए जाने जाते हैं।
सम्मान और स्मृति
उनकी मृत्यु 2 नवम्बर 2007 को हुई। साहित्यिक समुदाय उन्हें भारतीय उपमहाद्वीप में हिंदी, मैथिली और अंगिका साहित्य के योगदान के लिए याद करता है और उनके कई कार्यों का प्रकाशन और अध्ययन आज भी जारी है ।

अनिलचंद्र ठाकुर की रचनाएँ और उनके ऑडियो पॉडकास्ट आज भी नवोदित लेखकों और साहित्यिक शोधार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, जो भारतीय ग्रामीण जीवन और भाषाई विविधता को समझने में मदद करते हैं।

Book Details

Number of Pages: 48
Dimensions: 5"x8"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Saddle Stitched)
Availability: In Stock (Print on Demand)

Ratings & Reviews

Jab Bhagwan Mar Gya

Jab Bhagwan Mar Gya

(Not Available)

Review This Book

Write your thoughts about this book.

Currently there are no reviews available for this book.

Be the first one to write a review for the book Jab Bhagwan Mar Gya.

Other Books in Literature & Fiction

Shop with confidence

Safe and secured checkout, payments powered by Razorpay. Pay with Credit/Debit Cards, Net Banking, Wallets, UPI or via bank account transfer and Cheque/DD. Payment Option FAQs.