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क्या आपका भी रिश्ता प्यार होते हुए भी रोज़ की नोक-झोंक में थक गया है?
शादी सिर्फ 2 लोगों का मिलना नहीं, 2 सोच, 2 परिवार और 2 आदतों का संगम है। प्यार होते हुए भी बात-बात पर झगड़ा, मोबाइल-पैसा-समय को लेकर तकरार, और सास-बहू के बीच फंसना — ये आज हर दूसरे घर की कहानी है।
यह किताब कोई भाषण नहीं, 30 दिन की प्रैक्टिकल गाइड है।
इस किताब में आप सीखेंगे:
✓ *बात कैसे करें* कि सामने वाले को लगे कि उसकी सुनी गई और वो भी सुने
✓ *मोबाइल, पैसा और समय* के झगड़े को जड़ से कैसे रोकें
✓ *सास-बहू के बीच पुल कैसे बनें*, बिना किसी का दिल दुखाए
✓ *बच्चे के बाद पति-पत्नी का रिश्ता* कैसे बचाए रखें
✓ *माफ करना, थैंक यू और छोटी तारीफें* कैसे बड़ा जादू करती हैं
ये किताब पति और पत्नी दोनों के लिए है। अगर आप चाहते हैं कि घर में फिर से वही चाय वाली हँसी, वही सुकून और वही इज्ज़त लौट आए, तो ये किताब आपके लिए ही है।
झगड़ों से नहीं, समझदारी से घर चलता है |
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