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क्या आपका बच्चा 13 से 19 के बीच (Teen Age) है और आपको लगता है वो आपसे दूर होता जा रहा है।
कल तक जो बच्चा हर बात आपसे शेयर करता था, आज वही दरवाजा बंद करके बैठा है। छोटी-छोटी बात पर गुस्सा, पढ़ाई में मन न लगना, मोबाइल में घुसा रहना, और आपका हर बार यही कहना - "आजकल के बच्चे सुनते ही नहीं।"
अगर ये आपके घर की कहानी है, तो ये किताब आपके लिए ही लिखी गई है।
"13 से 19: जब आपका बच्चा आपसे दूर जाने लगे"
कोई लेक्चर नहीं, बल्कि एक भारतीय माँ की तरह समझाया गया एक प्रैक्टिकल गाइड है।
इस किताब में आप सीखेंगे:
अध्याय 1: बच्चा बड़ा क्यों हो गया? - 13 साल की दहलीज़ पर आखिर होता क्या है, जिसे हम बिगड़ना समझ लेते हैं।
अध्याय 2: मूड स्विंग, गुस्सा और जिद - डांट नहीं, ट्रिक चाहिए - गुस्से को कैसे हैंडल करें।
अध्याय 3: मोबाइल की लत - फोन छीनने से नहीं, ट्रिक से छूटेगी - बिना लड़ाई के स्क्रीन टाइम कैसे कम कराएं।
अध्याय 4: दोस्ती और Peer Pressure - "मम्मी, सब कर रहे हैं" का जवाब कैसे दें।
अध्याय 5: पढ़ाई में मन नहीं लगता - डांट से नहीं, डिजाइन से होगा - टीनएजर को पढ़ने के लिए कैसे मोटिवेट करें।
अध्याय 6: पहला प्यार, क्रश और अट्रैक्शन - डर नहीं, गाइड चाहिए - इस नाजुक टॉपिक पर कैसे बात करें।
अन्य सम्पूर्ण जानकारी कुल 10 अध्याय में।
ये किताब किसके लिए है?
- जिनके बच्चे 10 से 19 साल के हैं
- जो रोज-रोज की चिक-चिक से थक चुके हैं
- जो अपने बच्चे के दोस्त बनना चाहते हैं, सिर्फ पेरेंट नहीं
ये किताब आपको परफेक्ट पेरेंट नहीं बनाएगी, लेकिन आपके और आपके बच्चे के बीच का वो टूटता हुआ कनेक्शन जरूर जोड़ देगी।
लेखिका: अनुप्रिया श्रीवास्तव (रोजी) - एक माँ, जो खुद इस दौर से गुज़री है।
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