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"मेरा जासूस दोस्त" तीन रोमांचक रहस्य कहानियों का संग्रह है, जो 1893-1895 के औपनिवेशिक कलकत्ता की धुंधली और रहस्यमय गलियों में घटित होती हैं। इन कहानियों के केंद्र में हैं मशहूर जासूस हरीशंकर और उनके विश्वस्त मित्र शिव।
पहली कहानी "मर्दा जो जी उठा" में एक ऐसे रहस्यमय व्यक्ति की पहेली है जिसका चेहरा बदल दिया गया है और जो अपनी पहचान खो चुका है। दूसरी कहानी "पर्दे के पीछे" में एक मशहूर अभिनेत्री की मंच पर हत्या के पीछे छिपे 15 साल पुराने राज़ का पर्दाफाश होता है। तीसरी कहानी "अदला-बदली" में एक रहस्यमय किरायेदार और एक अंतरराष्ट्रीय खतरनाक अपराधी की कहानी है जो रोंगटे खड़े कर देती है।
तीखी नज़र, गहरी सोच और अटूट साहस — यही है हरीशंकर की पहचान। क्या आप तैयार हैं इन रहस्यों की दुनिया में कदम रखने के लिए?
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