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Kal fir suraj niklega part - 2

Jab halaat riston ki pehchan ban jate hai
Dilip Patel
Type: Print Book
Genre: Self-Improvement
Language: Hindi
Price: ₹749 + shipping
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Description

कल फिर सूरज निकलेगा — भाग 2 सिर्फ एक पुस्तक नहीं, बल्कि जीवन, समाज और रिश्तों की उन सच्चाइयों का आईना है जिन्हें हम रोज महसूस तो करते हैं, लेकिन अक्सर शब्द नहीं दे पाते।
यह पुस्तक संघर्ष, संवेदना और अनुभवों से जन्मी है। इसमें रिश्तों की पहचान, बदलते हालात, समाज का व्यवहार और इंसान के भीतर चलने वाले मौन संघर्ष को सरल लेकिन गहरे शब्दों में प्रस्तुत किया गया है।
जब परिस्थितियाँ बदलती हैं, तब केवल समय ही नहीं बदलता — लोगों का व्यवहार, रिश्तों का चेहरा और जीवन को देखने का नजरिया भी बदल जाता है। यही सच्चाई इस पुस्तक का केंद्र है।

यह किताब उन पाठकों के लिए है जो जीवन को केवल जीना नहीं, समझना भी चाहते हैं। हर अध्याय पाठक को सोचने, महसूस करने और स्वयं को बेहतर बनाने की दिशा में प्रेरित करता है।
यदि आप मानते हैं कि हर अंधेरी रात के बाद एक नई सुबह आती है, तो यह पुस्तक आपके लिए है।

क्योंकि चाहे हालात कितने भी कठिन हों — कल फिर सूरज निकलेगा।

About the Author

दिलीप पटेल एक ऐसे लेखक हैं जो जीवन की वास्तविकताओं, मानवीय रिश्तों और समाज के बदलते स्वरूप को सरल लेकिन प्रभावशाली शब्दों में प्रस्तुत करते हैं। उनकी लेखनी अनुभव, संवेदना और गहरी अवलोकन शक्ति से समृद्ध है। वे मानते हैं कि किताबें केवल शब्दों का संग्रह नहीं होतीं, बल्कि विचारों, अनुभवों और बदलाव की शुरुआत होती हैं।
दिलीप पटेल की रचनाएँ पाठकों को सोचने, स्वयं को समझने और जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देती हैं।

Book Details

Publisher: Self-published
Number of Pages: 377
Dimensions: 6.00"x9.00"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

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