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लघु कथा साहित्य की वो विधा सै, जो ज़िंदगी के किसी एक पल, घटना या भाव नै बहुत ही कम शब्दां में, पर गहरी और असरदार ढंग तै पेश करे सै। इस विधा में शब्दां की किफ़ायत अर भावां की गहराई का गजब का मेल मिलै सै।
लघु कथा की खासियत इसी बात में सै कि यो थोड़े सै शब्दां में भी पाठक के मन पै गहरी छाप छोड़ दे सै। लघु कथा सिर्फ घटनां का बयान कोनी करे, बल्कि उन घटनां के पीछे छुपे जज़्बात, सोच अर इंसानी मनोविज्ञान नै भी उजागर करे सै।
इस किताब में शामिल लघु कथाएँ ज़िंदगी के कई रंग अर तजुर्ब्यां का सजीव चित्र पेश करें सैं। कहीं बचपन की मासूमियत सै, कहीं जवानी के सपन्यां की उड़ान सै। कहीं रिश्त्यां की मिठास सै, तो कहीं बिछड़ण की कसक सै। कहीं संघर्ष की आँच सै, तो कहीं उम्मीद की ठंडी छाँह सै।
हर कहानी अपने आप में एक भावनात्मक दुनिया समेटे सै, जो पाठक नै सिर्फ पढ़ण खातर ही कोनी, बल्कि महसूस करण खातर भी बुलावे सै। इन कथां की भाषा सादी, सहज अर बहती हुई सै, ताकि हर किस्म का पाठक इनतै जुड़ सै। कथां की बनावट ऐसी सै कि शुरू तै ही पाठक नै बाँध ले अर आख़िर तक उसकी जिज्ञासा बनाए राखे। कुछ कहानियाँ चौंकावें सैं, कुछ दिल नै भीतर तै छू जावें सैं, अर कुछ ऐसी सोच छोड़ जावें सैं जिनका जवाब पाठक नै खुद खोजणा पड़े सै।
किसी भी अच्छी किताब या संग्रह का मकसद सिर्फ मनोरंजन कोनी होया करे, बल्कि पाठक के भीतर संवेदनशीलता अर सोच-विचार नै जाग्रत करणा भी होया करे। इन कथां नै पढ़ते हुए पाठक अपने आस-पास के माहौल नै नए नज़रिये तै देख पाएगा अर रिश्त्यां-नात्यां की बारीकियाँ अर ज़िंदगी के छोटे-छोटे पलां में छुपी खूबसूरती नै और गहराई तै महसूस करेगा। लघु कथा की दुनिया में घुसणा ऐसा सै जैसे कोई आदमी एक ऐसे बग़ीचे में कदम धर दे, जहाँ हर फूल अलग रंग अर अलग खुशबू लिए खिला हो। कुछ फूल तो तुरंत मन मोह लें सैं, अर कुछ की खुशबू धीरे-धीरे आत्मा में उतर जाया करे। इस संग्रह की हर कहानी भी ऐसे ही किसी फूल की तरह सै, जो अपने सही वक्त पै खिल कै पाठक के मन नै महका दे सै।
आशा सै कि यो किताब सुधी पाठकां नै ना सिर्फ आनंद देगी, बल्कि उनके मन अर सोच नै समृद्ध करकै लघु कथा की उस अनोखी दुनिया में ले जाएगी, जहाँ हर शब्द का अपना मोल सै अर हर अंत एक नई शुरुआत का इशारा करे सै।
इस रचनात्मक उद्यम खातर डॉ सत्यवान ‘सौरभ’ अर डॉ प्रियंका ‘सौरभ’ पूरे आदर अर साधुवाद के हकदार सैं।
— सुरेंद्र बांसल
रचनकार, संपादक, अनुवादक अर आर्ट विज़ुअलाइज़र
चंडीगढ़।
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