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वैसे ही (eBook)

Type: e-book
Genre: Poetry
Language: Hindi
Price: ₹0
Available Formats: PDF

Description

वैसे ही एक भावप्रधान हिंदी काव्य-संग्रह है—उन खयालों, सवालों और एहसासों का, जिन्हें हम अक्सर महसूस तो करते हैं, लेकिन कह नहीं पाते।

इन कविताओं में रिश्तों की प्रतीक्षा है, बिछड़ने का खालीपन है, अपने ही भीतर चलती आवाज़ों की लड़ाई है और खुद को समझने की कोशिश है। कहीं एक टूटी हुई पेड़ की डाल सहारे की कहानी बन जाती है, कहीं एक डरावना सपना हकीकत के बोझ का रूप ले लेता है, और कहीं इंसान अपने ही अस्तित्व से पूछ बैठता है—“क्या यह मैं हूँ?”

यह किताब केवल उदासी की कविताएँ नहीं है। इनके बीच ख्वाब हैं, उम्मीद है और टूटने के बाद भी खुद को फिर से जोड़ने की कोशिश है।

“वैसे ही” उन बातों का संग्रह है, जो शायद कभी कही नहीं गईं—बस मन में रहीं और फिर कविता बन गईं।

About the Author

अस्मिता निषाद

अस्मिता निषाद एक युवा हिंदी लेखिका और कवयित्री हैं, जिनकी लेखनी मन के भीतर चलने वाले सवालों, रिश्तों, बिछड़ने, उम्मीद और आत्म-संवाद को शब्द देती है।

उनकी कविताएँ सरल भाषा में उन भावनाओं को व्यक्त करने की कोशिश करती हैं, जिन्हें अक्सर शब्दों में कहना आसान नहीं होता। उनके लिए कविता केवल लिखना नहीं, बल्कि अपने भीतर की आवाज़ को सुनने और उसे शब्द देने का एक माध्यम है।

“वैसे ही” उनका काव्य-संग्रह है, जिसमें खयालों, यादों, सवालों और छोटी-छोटी भावनात्मक अनुभूतियों को कविता का रूप दिया गया है।

Book Details

Publisher: अस्मिता निषाद
Number of Pages: 13
Availability: Available for Download (e-book)

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