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आज हम चाय की दुकान से लेकर बड़े शोरूम तक, पैसों का लेन-देन फोन से करते हैं। यह बहुत आसान भी है और तेज़ भी। लेकिन इसी आसानी का फायदा ठग भी उठाते हैं।
हर साल अनगिनत लोग एक फोन कॉल, एक लिंक या एक संदेश के झांसे में अपनी मेहनत की कमाई गँवा देते हैं। और अक्सर वे लापरवाह नहीं होते, बस उन्हें सही जानकारी नहीं होती।
यह किताब उन्हीं लोगों के लिए है जो UPI, मोबाइल बैंकिंग और ऑनलाइन पेमेंट इस्तेमाल करते हैं या सीखना चाहते हैं। चाहे आप दुकानदार हों, नौकरीपेशा, गृहिणी, विद्यार्थी या रिटायर्ड व्यक्ति—यह किताब आपके लिए है।
किताब की कहानियाँ रमेश जी की हैं, जो 55 साल के हैं और एक छोटी दुकान चलाते हैं। उनकी मदद करती है उनकी बेटी पूजा, जो 26 साल की है और फोन की दुनिया अच्छी तरह जानती है। रमेश जी के सवाल वही हैं जो आपके मन में भी हो सकते हैं।
इस किताब में आपको मिलेगा:
• UPI और मोबाइल पेमेंट की सरल समझ
• फोन को सुरक्षित रखने के आसान तरीके
• ठगी के आम तरीके और उनसे बचने के साफ नियम
• ठगी हो जाए तो तुरंत क्या करना है
• अपने परिवार और बुज़ुर्गों को सुरक्षित रखने के तरीके
• हर अध्याय के अंत में "आज का काम" और आखिर में 30 दिन का प्लान
अगर आप अपनी और अपने परिवार की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो यह किताब आपके लिए है।
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