Description
बडी की कहानी अंर्तमन की गढ़ी हुयी नहीं वरण सत्य घटनाओं पर आधारित कथा है।
मेरी नतिनी और नाती दोनों भाई बहनों ने बहुत मन से एक डॉगी मंगवाया था, गर्मी की छुट्टीयों में वे उसके साथ खेलते और अपनी मित्र मंडली तथा परिवार के लोगों को उसके विषय में बताते हुये बहुत प्रसन्नता का अनुभव कर रहे थे। वे उसे प्रशिक्षित करते बहुत प्यार से।
कुछ समय बीता और बडी को कुछ कारण वश उनसे अलग होना पड़ा। इन सभी घटनाओं की छाप बच्चों के मन पर पड़ी। उन्हें कैसी अनुभूति हुयी, उसको लिपिबद्ध करने की मेरी तीव्र इच्छा का परिणाम है – "बडी की कहानी"।
ओम लता अखौरी का जन्म 1945 में रांची में हुआ था। बचपन से ही लिखने में रुची, विद्यालय पत्रिका में लिखती रही। चिल्डरेन बुक ट्रस्ट से भी मेरी कविता पुरस्कृत हुई है। कुछ पत्र पत्रिकाओं के नाम: समाचार पत्र हिन्दुस्तान, रांची, प्रभात खबर, रांची एक्सप्रेस, आज, सैनिक, गौर दर्शन इत्यादि।
पत्रिकायें: मुक्ता, युवक, एकांत, पराग, (बाल पत्रिका), सुमन सौरभ, (बाल पत्रिका), ई पत्रिका - हिन्दी चेतना (कनाडा से), गर्भनाल (भोपाल से) प्रसारण : रांची आकाशवाणी से राष्ट्रभाषा हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारण होता रहा है। वाराणसी के पड़ाव आश्रम सर्वेश्वरी समूह और सर्वेश्वरी कुष्ट सेवाश्रम के संस्थापथक, संत श्री भगवान राम जी के जीवन चरित्र पर एक खण्ड काव्य "अघोर चरितावली" का प्रकाशन हो चुका है।
इसके अतिरिक्त, विभिन्न रचनाए प्रकाशित की- मानव मन (उपन्यास), चेतना के पुष्प (बाल कथा संग्रह), ज्योतिर्मय हो मानवता पथ (कविता संग्रह), हमे तुम्हारा प्यार चाहिये (बाल कविता संग्रह), उगते सूरज (बाल कथा संग्रह)। अब अमेरिका में रहते हुए, उन्होंने अपना लेखन करियर जारी रखा है। इन दिनों उन्हें बच्चों के लिए जीवंत और दिल को छू लेने वाली कहानियाँ लिखने में रूचि है।