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कुछ अनसुनी (काव्य संग्रह), हास्य व्यंग्यपूर्णशैली मे समाजिक सरोकारों, मानवीय संबध, प्रकृति संरक्षण, चुनिंदा गीत, ग़ज़लों का संकलन है। ये कविताओं के विभिन्न आयामों से रूबरू करवाती है। कविता के प्रत्येक पंक्ति मे रूह को छू जानेवाले विचार, समाजिकता का बोध करवाता और समाजिक गतिविधियों, राजनीतिक कुरीतियों के प्रति सचेत करता है “कुछ अनसुनी”।
पिता की जिम्मेदारी और प्रकृति के प्रति मानवीय जिम्मेदारी, एवं राजनीतिक चालबाजी को रोकने में हम सबकी जिम्मेदारी बखूबी बयां कर
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