You can access the distribution details by navigating to My pre-printed books > Distribution

Add a Review

शिक्षा का पुनर्निर्माण: भविष्य की पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन (eBook)

Type: e-book
Genre: Education & Language
Language: Hindi
Price: ₹200
(Immediate Access on Full Payment)
Available Formats: PDF, EPUB

Description

मानव सभ्यता के विकास में शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज के निर्माण, सांस्कृतिक संरक्षण और मानवीय मूल्यों के विकास का आधार भी है। समय के साथ समाज, तकनीक और वैश्विक परिस्थितियों में निरंतर परिवर्तन होते रहे हैं, जिसके कारण शिक्षा की संरचना और उद्देश्य भी बदलते रहे हैं। वर्तमान युग में, जब विज्ञान और प्रौद्योगिकी तेजी से प्रगति कर रहे हैं, तब शिक्षा को भी नई आवश्यकताओं और चुनौतियों के अनुरूप पुनर्गठित करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
आज की दुनिया में शिक्षा का महत्व केवल विद्यालय या विश्वविद्यालय की सीमाओं तक सीमित नहीं है। यह एक ऐसी प्रक्रिया बन चुकी है जो व्यक्ति को जीवन भर सीखने, समझने और समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करती है। आधुनिक समय में शिक्षा से अपेक्षा की जाती है कि वह विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही न दे, बल्कि उन्हें रचनात्मक सोच, समस्या-समाधान क्षमता, नैतिक दृष्टिकोण और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे गुणों से भी संपन्न बनाए। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस पुस्तक की रचना की गई है।
“शिक्षा का पुनर्निर्माण: भविष्य की पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन” शीर्षक से प्रस्तुत यह पुस्तक शिक्षा प्रणाली के विभिन्न आयामों पर व्यापक दृष्टि प्रदान करती है। इसमें शिक्षा के ऐतिहासिक विकास से लेकर वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं तक का विश्लेषण किया गया है। पुस्तक का उद्देश्य यह समझाना है कि शिक्षा को किस प्रकार अधिक समावेशी, नवाचारी और मूल्य-आधारित बनाया जा सकता है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ एक संतुलित और प्रगतिशील समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
इस पुस्तक में शिक्षा के कई महत्वपूर्ण पहलुओंजैसे 21वीं सदी के कौशल, डिजिटल शिक्षा, मूल्य आधारित शिक्षण, समावेशी शिक्षा और सतत विकासपर विशेष ध्यान दिया गया है। साथ ही शिक्षक की बदलती भूमिका, तकनीकी परिवर्तन और वैश्विक सहयोग जैसे विषयों को भी विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। इन विषयों के माध्यम से यह स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है कि शिक्षा केवल ज्ञान के हस्तांतरण की प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम भी है।
यह पुस्तक विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं, शिक्षा-नीति निर्माताओं और उन सभी पाठकों के लिए उपयोगी हो सकती है जो शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन की आवश्यकता को समझना चाहते हैं। आशा है कि यह पुस्तक पाठकों को शिक्षा के महत्व और उसके भविष्य की संभावनाओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करने के लिए प्रेरित करेगी।
अंत में, इस पुस्तक की तैयारी के दौरान विभिन्न शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और शैक्षणिक संस्थानों के विचारों और अध्ययनों से प्रेरणा प्राप्त हुई है। उनके योगदान और ज्ञान के प्रति मैं कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ।
मेरी हार्दिक कामना है कि यह पुस्तक शिक्षा के क्षेत्र में सार्थक संवाद और नवाचार को प्रोत्साहित करने में सहायक सिद्ध होगी तथा भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक बेहतर शैक्षिक वातावरण के निर्माण में प्रेरणा प्रदान करेगी।

About the Authors

डॉ. राखी शर्मा शिक्षा के क्षेत्र में एक समर्पित शिक्षाविद और शोधकर्ता हैं, जो वर्तमान में छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के अंजोरा स्थित अपोलो कॉलेज में सहायक प्रोफेसर (एम.एड.) के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे 2012 से अपना योगदान दे रही हैं। उनके पास शिक्षा में पीएचडी (2024) के साथ-साथ एम.एड., बी.एड. और एम.ए. (हिंदी) की डिग्री भी है, जो उनकी मजबूत अकादमिक पृष्ठभूमि और शैक्षिक उत्कृष्टता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अपने व्यापक अकादमिक करियर के दौरान, डॉ. शर्मा ने शोध और विद्वतापूर्ण लेखन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में 26 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं और दो पुस्तकों के साथ-साथ कई पुस्तक अध्यायों की लेखिका भी हैं। उनके शोध के विषयों में शिक्षक शिक्षा, डिजिटल लर्निंग, मानसिक स्वास्थ्य और समकालीन शैक्षिक चुनौतियां शामिल हैं। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सेमिनारों, सम्मेलनों और कार्यशालाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया है, जो अकादमिक चर्चा और व्यावसायिक विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। डॉ. शर्मा पेटेंट धारक भी हैं और उन्हें कई अकादमिक पुरस्कार प्राप्त हुए हैं, जो शैक्षिक अनुसंधान और व्यवहार को आगे बढ़ाने के प्रति उनके नवोन्मेषी दृष्टिकोण और समर्पण को दर्शाते हैं।

डॉ. गुरप्रीत कौर, पीएच.डी. (मनोविज्ञान), एक प्रख्यात शिक्षाविद और विद्वान हैं जिन्हें शिक्षण, प्रशासन और अनुसंधान में व्यापक अनुभव प्राप्त है। वे वर्तमान में राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) स्थित संस्कार सिटी कॉलेज ऑफ एजुकेशन की प्रिंसिपल के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे शिक्षक शिक्षा में अकादमिक उत्कृष्टता और समग्र विकास को बढ़ावा देने का कार्य जारी रखे हुए हैं। एक उत्साही मनोवैज्ञानिक और परामर्शदाता, डॉ. कौर मनोविज्ञान, शिक्षा, समाज कार्य और योग में उच्च योग्यता प्राप्त हैं और पिछले पंद्रह वर्षों से करियर, शैक्षिक और वैवाहिक परामर्श में सक्रिय रूप से शामिल हैं। उनके विद्वतापूर्ण योगदानों में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर कई शोध पत्र, सम्मेलन प्रस्तुतियाँ और कार्यशालाएँ शामिल हैं। 'द साइंस ऑफ साइकोलॉजी' पुस्तक की लेखिका, डॉ. कौर की अकादमिक रुचियां सकारात्मक मनोविज्ञान, व्यक्तित्व विकास, मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षिक अनुसंधान तक फैली हुई हैं। उन्हें उनके नेतृत्व और सेवा के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिनमें प्रोग्रेस ग्लोबल अवार्ड (उत्कृष्ट प्रिंसिपल, 2021) और सामाजिक सामंस्थ सम्मान (2019) शामिल हैं। शिक्षा के माध्यम से कल्याण और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए समर्पित, डॉ. कौर अपनी गतिशील दृष्टि और सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण से छात्रों और शिक्षकों दोनों को प्रेरित करती रहती हैं। डॉ. कौर आरसीई अप्रूव्ड कॉउंसलर के रूप में जानी मानी विशेषज्ञ हैं।

Book Details

ISBN: 9789375595755
Publisher: WISSIRA RESEARCH LAB
Number of Pages: 139
Availability: Available for Download (e-book)

Ratings & Reviews

शिक्षा का पुनर्निर्माण: भविष्य की पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन

शिक्षा का पुनर्निर्माण: भविष्य की पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन

(Not Available)

Review This Book

Write your thoughts about this book.

Other Books in Education & Language

Shop with confidence

Safe and secured checkout, payments powered by Razorpay. Pay with Credit/Debit Cards, Net Banking, Wallets, UPI or via bank account transfer and Cheque/DD. Payment Option FAQs.