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मान्त्रिक उपनिषद् (eBook)

हंस और छिपा हुआ सत्य
Type: e-book
Genre: Social Science, Philosophy
Language: Hindi
Price: ₹50
(Immediate Access on Full Payment)
Available Formats: PDF, EPUB

Description

संसार के बदलते रूपों के पीछे क्या है? प्रकाशमान हंस, प्रकृति के तीन रंगों, फल चखते पक्षी और समुद्र में मिलती नदियों के माध्यम से मान्त्रिक उपनिषद् हमें आत्मा तथा उस शाश्वत सत्य पर चिन्तन करने के लिए आमन्त्रित करता है, जो समस्त अस्तित्व का आधार है।

चित्रों से सजी यह यात्रा एक युवा जिज्ञासु को संसार के प्रति कौतूहल से शान्त आत्मचिन्तन की ओर ले जाती है। वन, पवित्र सभाएँ और विशाल समुद्र इस उपनिषद् के प्रतीकों को सजीव बनाते हैं, जबकि सरल कथाशैली इसके दार्शनिक प्रश्नों को हर आयु के पाठकों के लिए सहज बनाती है।

यह यात्रा आज के जीवन से भी जुड़ती है। यह हमें अपनी इच्छाओं के पीछे भागने से पहले ठहरने, दूसरों के दृष्टिकोण को स्थान देने और उस संसार की देखभाल करने के लिए प्रेरित करती है, जिसमें हम सब रहते हैं। ये सहज विचार, संवाद, चिंतन और खोज के अवसर प्रदान करते हैं।

मानव और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सहयोग से रचित, डॉ. पार्थ मजूमदार की उपनिषद् चित्रपुस्तक शृंखला की यह कृति पाठकों को अधिक गहराई से देखने, अधिक ध्यान से सुनने और परिचित संसार में भी विस्मय खोजने के लिए आमन्त्रित करती है।

About the Author

डॉ. पार्थ मजूमदार एक प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ, शोधकर्ता, शिक्षाविद् और लेखक हैं। उन्हें वैश्विक निगमों, उद्यमशील पहलों, सार्वजनिक क्षेत्र की परियोजनाओं और उभरती प्रौद्योगिकियों में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने डेटा विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है और वर्तमान में कम्प्यूटर विज्ञान तथा भारतीय ज्ञान परम्परा, दोनों क्षेत्रों में डॉक्टरेट स्तर का शोध कर रहे हैं। सीमेंस, एनआईआईटी, एमडॉक्स, मोबिली और जेपीमॉर्गन चेज़ में वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिकाओं तथा मजूमदार कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबन्ध निदेशक के रूप में उन्होंने व्यापक स्तर के प्रौद्योगिकी मंचों की रूपरेखा तैयार कर उन्हें कार्यान्वित किया है। उन्होंने एशिया, मध्य पूर्व, यूरोप, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में सरकारों, वित्तीय संस्थानों तथा दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को परामर्श भी दिया है। आईईईई के वरिष्ठ सदस्य तथा 100 से अधिक पुस्तकों और 30 से अधिक शोधपत्रों के लेखक डॉ. मजूमदार औद्योगिक अनुभव को अकादमिक अध्ययन और शोध से जोड़ते हैं। उनकी विशेषज्ञता कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कम्प्यूटिंग, सॉफ्टवेयर अभियांत्रिकी, डेटा विज्ञान और भारतीय ज्ञान परम्परा तक विस्तृत है। उनका कार्य नवाचार, अन्तर्विषयी शोध और समाज के हित में ज्ञान के उपयोग के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Book Details

Publisher: Dr Partha Majumdar
Number of Pages: 35
Availability: Available for Download (e-book)

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