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अनावश्यक खर्च से निवेश तक (eBook)

Type: e-book
Genre: Business & Economics, Comics & Graphic Novels
Language: English, Hindi
Price: ₹100
(Immediate Access on Full Payment)
Available Formats: PDF

Description

हमारी रोजमर्रा की जिंदगी छोटे-छोटे फैसलों से बनी है। हम क्या खरीदते हैं, किस वस्तु पर खर्च करते हैं, कहाँ बचत करते हैं और बचाए हुए रुपयों का क्या करते हैं, इन सभी फैसलों का असर हमारे आने वाले कल पर पड़ता है ।
अक्सर हमें लगता है कि बड़े खर्च ही हमारी आर्थिक स्थिति को प्रभावित करते हैं। लेकिन कई बार छोटी-छोटी अनावश्यक खरीदारी और सुविधाओं पर होने वाला खर्च धीरे-धीरे हमारे रुपयों का एक बड़ा हिस्सा ले जाता है ।
यदि इन्हीं छोटे-छोटे खर्चों पर थोड़ा ध्यान दिया जाए और बचाए गए रुपयों को सही दिशा दी जाए, तो यही रकम भविष्य की आर्थिक मजबूती की शुरुआत बन सकती है ।
यह पुस्तक इसी सोच को सरल और रोचक तरीके से समझाने का प्रयास है । इसमें रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी कहानियों और उदाहरणों के माध्यम से दिखाया गया है कि कैसे अनावश्यक खर्च को कम करके बचत की आदत बनाई जा सकती है और बचत को निवेश में बदला जा सकता है ।
मोबाइल, ऑनलाइन शॉपिंग, सब्सक्रिप्शन, शादी, त्योहार, घरेलू खर्च और दूसरी छोटी-बड़ी जरूरतों से जुड़े फैसलों के माध्यम से यह समझाने की कोशिश की गई है कि हमारे रुपये किस दिशा में जा रहे हैं।
‘अनावश्यक खर्च से निवेश तक’ पुस्तक में SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) का भी उल्लेख किया गया है, क्योंकि नियमित रूप से निवेश करने का यह एक सरल तरीका हो सकता है। छोटी-छोटी बचत को नियमित निवेश की आदत से जोड़कर लंबे समय में अपने वित्तीय लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है ।

SIP जादुई रास्ता नहीं है,इसमें बाज़ार का जोख़िम भी होता है। इसलिए निवेश हमेशा अपनी ज़रूरत, लक्ष्य और जोखिम को समझकर ही करना चाहिए ।
इस पुस्तक का उद्देश्य किसी एक उत्पाद को बेचने या किसी एक निवेश विकल्प को सबसे बेहतर बताना नहीं है। इसका उद्देश्य छोटी-छोटी बचतों की मदद से आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में आगे बढ़ने की सोच विकसित करना है क्योंकि समृद्धि केवल अधिक कमाने से नहीं आती ।
समृद्धि की शुरुआत इस समझ से होती है कि कमाए हुए रुपये का उपयोग कहाँ और क्यों किया जा रहा है। एक अनावश्यक खर्च को रोकना, एक छोटी बचत करना और उस बचत को सही दिशा में लगाना,आज का छोटा फैसला कल की बड़ी आर्थिक मजबूती की नींव बन सकता है ।
आइए, अपने रुपयों की यात्रा को समझें—
अनावश्यक खर्च से बचत तक,
बचत से निवेश तक,
और निवेश से बेहतर आर्थिक भविष्य की ओर ।

About the Author

नाम -प्राची खंडेलवाल
फर्म का नाम - तारिका कैपिटल
प्रकाशन - कहानियाँ का विभिन्न पत्र- पत्रिकाओं में प्रकाशन
प्रसारण - कहानियों का आकाशवाणी के मथुरा - वृंदावन केंद्र से
सम्मान -"कर्मवीर रत्न सम्मान" (2026)
" श्री डॉ. कमलेश द्विवेदी स्मृति सम्मान" (2025)
स्थान - मथुरा

Book Details

Number of Pages: 40
Availability: Available for Download (e-book)

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अनावश्यक खर्च से निवेश तक

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