You can access the distribution details by navigating to My pre-printed books > Distribution
"जब सिस्टम ने इंसाफ देने से मना कर दिया, तो एक शेर जागा।"** रणवीर सिंह — एक फाइट ट्रेनर, एक शहीद का बेटा, और मुंबई की तंग गलियों का एक आम लड़का। उसकी ज़िंदगी में सिर्फ तीन चीज़ें थीं: उसकी माँ, उसकी छोटी बहन, और अपने पिता की बदनामी का दाग मिटाने की तड़प। लेकिन एक खूनी रात ने सब कुछ छीन लिया। मुंबई के सबसे खूँखार डॉन, सुल्तान भाई, के शूटरों ने उसकी माँ और बहन को सिर्फ इसलिए मार डाला क्योंकि वो एक पुराने राज़ की आखिरी गवाह थीं। पुलिस ने आँखें बंद कर लीं। अदालत ने मुँह फेर लिया। लेकिन रणवीर ने घुटने नहीं टेके। अपने दिल में जलती बदले की आग के साथ, वो अकेला ही उतर पड़ा अंडरवर्ल्ड की सफाई करने। एक-एक करके उसने सुल्तान, राशिद, शुक्ला और पूरे माफिया साम्राज्य को राख कर दिया। पूरा शहर उसे "बदलापुर का शेर" कहने लगा। लेकिन ये तो बस शुरुआत थी। जब एक "लाल डायरी" उसके हाथ लगी, तो असली खेल शुरू हुआ। इस डायरी में छुपे थे ऐसे-ऐसे राज़ जो सिर्फ अंडरवर्ल्ड ही नहीं, बल्कि दिल्ली की सत्ता की चूलें तक हिला सकते थे। अब रणवीर का सामना सिर्फ गुंडों से नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम से था। हर कदम पर मौत का फंदा, हर मोड़ पर एक नया दुश्मन, और पर्दे के पीछे एक ऐसा मास्टरमाइंड — **"द शैडो"** — जिसकी पहचान जानकर रणवीर की दुनिया बिखर जाएगी। **"बदलापुर का शेर"** सिर्फ बदले की कहानी नहीं है। ये एक बेटे के अपने पिता का नाम रौशन करने की जंग है। ये एक भाई की अपनी बहन के आँसुओं का हिसाब चुकाने की लड़ाई है। ये एक ऐसे हीरो की दास्तान है जिसने अकेले ही पूरे सिस्टम को चुनौती दे दी। रोमांच, सस्पेंस, दिल को झकझोर देने वाले इमोशन और रोंगटे खड़े कर देने वाले एक्शन से भरपूर ये उपन्यास आपको आखिरी पन्ने तक बाँधे रखेगा। क्या रणवीर सिंह अपनों का बदला ले पाएगा? क्या वो "द शैडो" तक पहुँच पाएगा? क्या सिस्टम उसे माफ करेगा, या फिर उसे ही कुचलने की कोशिश करेगा?। **जानने के लिए पढ़िए — "बदलापुर का शेर"।
एक ऐसी हिंदी एक्शन थ्रिलर जो पढ़ते हुए बार-बार लगेगा कि सामने 70mm का पर्दा लगा है। तो सीट की पेटी बाँध लीजिए, क्योंकि बदलापुर का शेर अब किताबों की दुनिया में दहाड़ने आया है। एक बार जो पढ़ ले, वो लाइफ़टाइम तक अपने अंदर का 'बदलापुर' ढूँढता रहेगा।
Currently there are no reviews available for this book.
Be the first one to write a review for the book बदलापुर का शेर.