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मौत की पहेली-धूमपुर हत्याकांड (eBook)

बंद कमरे का रहस्य... जहाँ हर सच मौत से भी ज़्यादा खतरनाक है। बंद कमरा... ग्यारह संदिग्ध... और सच, जो सौ साल से कैद है।
Type: e-book
Genre: Literature & Fiction, Mystery & Crime
Language: Hindi
Price: ₹229
(Immediate Access on Full Payment)
Available Formats: PDF

Description

मौत कभी झूठ नहीं बोलती...
लेकिन कातिल हमेशा बोलता है।
बर्फ़ से ढकी एक सुनसान रात...
रानीकोठी के सबसे सुरक्षित 'मयूर कक्ष' में उद्योगपति राघव राणा मृत पाए जाते हैं।
मौत का कारण—
दूध के गिलास में मिलाया गया लैब-ग्रेड पोटैशियम साइनाइड।
लेकिन असली पहेली ज़हर नहीं...
बल्कि यह है कि कमरा अंदर से बंद था।
न कोई अंदर आया।
न कोई बाहर गया।
तो फिर हत्या हुई कैसे?
जाँच की कमान संभालते हैं
एसीपी विक्रम सिंह राठौड़।
उनके हाथ में मौजूद चाँदी का पुराना ड्यूपॉन्ट लाइटर हर बार 'क्लिंग' की आवाज़ करता है...
और रानीकोठी का एक नया, स्याह राज़ सामने आ जाता है।
अरबों की विरासत...
टूटते रिश्ते...
झूठी इज़्ज़त...
पुरानी दुश्मनी...
अधूरी मोहब्बत...
और सौ साल पुराना ऐसा रहस्य...
जो पूरे राणा परिवार को अपराधी बना सकता है।
जब हर व्यक्ति के पास हत्या की वजह हो...
और कोई भी बेगुनाह न लगे...
तब सच किस पर भरोसा करेगा?
"हम जितने राणा हैं... उतने ही गुनाहगार भी हैं।"
राघव राणा का यही आख़िरी संदेश पूरे केस की दिशा बदल देता है।

क्या विक्रम राठौड़ इस बंद कमरे की पहेली सुलझा पाएँगे...

या रानीकोठी अपने अगले शिकार का इंतज़ार कर रही है?

यदि आपको लगता है कि आपने बहुत सारी Murder Mysteries पढ़ ली हैं...
तो 'मौत की पहेली – धूमपुर हत्याकांड' आपको हर अध्याय में अपना अनुमान बदलने पर मजबूर कर देगी।

About the Author

परमेश्वर राठी “परम” पेशे से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, जो संख्याओं की पेचीदा दुनिया को सुलझाते हुए भी हमेशा शब्दों के जादू में डूबे रहे। बचपन से ही हिंदी साहित्य, क्राइम थ्रिलर और बॉलीवुड की मसालेदार कहानियों ने उनके मन में रोमांच और सस्पेंस के बीज बो दिए थे। CA की पढ़ाई और प्रैक्टिस के बीच उन्होंने कभी अपनी कलम को रुकने नहीं दिया। “बदलापुर का शेर” उनकी पहली एक्शन थ्रिलर है, जिसमें एक तरफ़ सिस्टम की कड़वी सच्चाई है तो दूसरी तरफ़ एक आम इंसान की बदलापुर तक पहुँचने की जंग। परमेश्वर मानते हैं कि हर CA के अंदर एक कहानीकार छिपा होता है, बस ज़रूरत है उसे मौका देने की।

Book Details

Number of Pages: 141
Availability: Available for Download (e-book)

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मौत की पहेली-धूमपुर हत्याकांड

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