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आत्मा समाज और व्यवस्था (eBook)

Type: e-book
Genre: Self-Improvement, Education & Language
Language: English, Hindi
Price: ₹49
(Immediate Access on Full Payment)
Available Formats: PDF

Description

आत्मा, समाज और व्यवस्था राष्ट्र निर्माण पुस्तक श्रृंखला की पाँचवीं पुस्तक है। यह पुस्तक व्यक्ति की आंतरिक चेतना से लेकर परिवार, समाज, राष्ट्र और व्यवस्था तक की यात्रा को समझने का प्रयास करती है।
पुस्तक का मूल विचार है कि समाज और राष्ट्र की व्यवस्था बाहर से अलग-अलग नहीं बनती, बल्कि उसकी जड़ मनुष्य की चेतना, संस्कार, परिवार और सामाजिक व्यवहार में होती है। जब व्यक्ति के भीतर विवेक, सत्य, करुणा और जिम्मेदारी विकसित होती है, तो उसका प्रभाव परिवार से समाज और समाज से राष्ट्र तक पहुँचता है।
पुस्तक में परिवार को आत्मा का पहला विद्यालय, संस्कार और स्वतंत्रता को जीवन की दो आवश्यक धाराएँ, अनुभव को आत्म-विकास का माध्यम तथा समाज को सामूहिक चेतना के विस्तार के रूप में देखा गया है। इसके साथ धर्म, परंपरा, सत्ता, नैतिकता, आत्म-शासन और चेतन समाज जैसे विषयों पर भी विचार किया गया है।
यह पुस्तक किसी एक राजनीतिक या धार्मिक व्यवस्था का समर्थन करने के बजाय पाठक को स्वयं विचार करने, प्रश्न पूछने और समाज तथा व्यवस्था को भीतर से समझने के लिए प्रेरित करती है।
इस पुस्तक का केंद्रीय संदेश है—
श्रेष्ठ राष्ट्र का निर्माण केवल संसद और व्यवस्था से नहीं, बल्कि चेतन मनुष्य, परिवार और समाज से होता है।

About the Author

प्रेम शाक्य चिंतक और लेखक हैं, जिनका लेखन मनुष्य, परिवार, समाज, शिक्षा, चेतना और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर केंद्रित है। उनका प्रयास है कि जटिल सामाजिक और मानवीय प्रश्नों को सरल भाषा में सामान्य पाठक के सामने रखा जाए और पाठक को स्वयं सोचने तथा अपने जीवन के अनुभवों से सत्य को समझने के लिए प्रेरित किया जाए।
राष्ट्र निर्माण पुस्तक श्रृंखला के माध्यम से वे राष्ट्र निर्माण को केवल राजनीति और शासन का विषय न मानकर मनुष्य निर्माण और चेतना के विकास की प्रक्रिया के रूप में देखने का दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं।
उनकी पुस्तकों में व्यक्ति के भीतर से परिवर्तन शुरू करके परिवार, शिक्षा, समाज और व्यवस्था तक उसके प्रभाव को समझने का प्रयास किया गया है।
प्रेम शाक्य का मानना है कि किसी भी स्थायी सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत व्यक्ति से होती है और व्यक्ति के परिवर्तन की शुरुआत उसकी चेतना से।
प्रकाशक: प्रेम चेतना क्रांति मंच

Book Details

Publisher: प्रेम चेतना क्रांति मंच
Number of Pages: 95
Availability: Available for Download (e-book)

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आत्मा समाज और व्यवस्था

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