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पुस्तक के बारे में
“राष्ट्र निर्माण का चेतन समाज” राष्ट्र निर्माण पुस्तक श्रृंखला की चौथी पुस्तक है। यह पुस्तक इस मूल प्रश्न पर केंद्रित है कि एक ऐसा समाज कैसे बनाया जाए जो जागरूक, न्यायपूर्ण, उत्तरदायी और मानवीय हो।
पुस्तक में व्यक्ति, परिवार, संस्कार, शिक्षा, समाज, लोकतंत्र, न्याय, कानून, अर्थव्यवस्था, श्रम, राष्ट्रवाद, मानवता, विज्ञान और तकनीक जैसे विषयों को चेतना के दृष्टिकोण से समझने का प्रयास किया गया है।
पुस्तक का मूल विचार है कि राष्ट्र का निर्माण केवल सरकार या व्यवस्था से नहीं होता। राष्ट्र की वास्तविक नींव जागरूक व्यक्ति, संस्कारित परिवार और उत्तरदायी समाज में बनती है।
यह पुस्तक पाठक को केवल सामाजिक समस्याओं पर विचार करने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं से यह प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करती है—“राष्ट्र निर्माण में मेरी अपनी भूमिका क्या है?”
यह पुस्तक उन पाठकों के लिए उपयोगी है जो समाज, परिवार, शिक्षा, लोकतंत्र और राष्ट्र के भविष्य को केवल बाहरी व्यवस्था के रूप में नहीं, बल्कि मानव चेतना के विकास से जोड़कर समझना चाहते हैं।
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