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माँ… सिर्फ एक शब्द नहीं, एक पूरा संसार है।
माँ वह रिश्ता है जिसकी शुरुआत हमारे जन्म से पहले हो जाती है और जिसका प्रेम जीवनभर हमारे साथ चलता है। हमारी पहली आवाज़, पहला स्पर्श, पहला कदम, पहली सीख और पहली सुरक्षित दुनिया—इन सबके केंद्र में माँ होती है।
“माँ — एक शब्द, पूरी दुनिया” एक भावनात्मक, सरल और दिल को छू लेने वाली पुस्तक है, जो माँ और संतान के उस अनमोल रिश्ते को समझने का प्रयास करती है जिसे शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना आसान नहीं।
इस पुस्तक में माँ के जीवन के अनेक पहलुओं को सहज भाषा में प्रस्तुत किया गया है—माँ का प्रेम, त्याग, संघर्ष, संस्कार, बच्चों के प्रति चिंता, उनकी खुशियों में अपनी खुशी ढूँढ़ना, बच्चों के बड़े होने के बाद बदलता रिश्ता और जीवन के उस पड़ाव की भावनाएँ जब माँ को अपने बच्चों के समय, साथ और सहारे की आवश्यकता होती है।
माँ की गोद बच्चे की पहली दुनिया होती है। उसकी लोरी पहली कविता होती है। उसकी डाँट में चिंता छिपी होती है और उसकी मुस्कान में बच्चे की सफलता की खुशी। वह अपने बच्चों के लिए बहुत कुछ करती है, लेकिन बदले में अक्सर कुछ नहीं माँगती—सिवाय प्यार, सम्मान और थोड़े-से समय के।
यह पुस्तक हमें उन छोटी-छोटी बातों को फिर से याद करने का अवसर देती है जिन्हें हम बड़े होते-होते अक्सर भूल जाते हैं।
एक माँ का सुबह जल्दी उठना…
बच्चे को समय पर जगाना…
पसंद का खाना बनाना…
बीमारी में रातभर जागना…
गलती पर डाँटना…
सफलता पर सबसे ज्यादा खुश होना…
और दूर रहने पर सिर्फ एक फोन कॉल का इंतजार करना…
ये सभी माँ के प्रेम के ऐसे रूप हैं, जिन्हें किसी कीमत से नहीं खरीदा जा सकता।
पुस्तक में भारतीय भाषाओं और संस्कृतियों में माँ के लिए इस्तेमाल होने वाले अलग-अलग शब्दों का भी परिचय दिया गया है। हिंदी की “माँ”, मराठी की “आई”, तमिल की “अम्मा”, बंगाली की “मा”, गुजराती की “મા” और अंग्रेज़ी की “Mother”—शब्द भले अलग हों, लेकिन इनके पीछे छिपी भावना एक ही है: ममता और प्रेम।
यह पुस्तक माँ और बच्चे के रिश्ते के विभिन्न पहलुओं को सामने लाती है—माँ और बेटी का रिश्ता, माँ और बेटे का रिश्ता, माँ के अपने सपने, आधुनिक समय की माँ, कामकाजी माँ, दूर रहने वाले बच्चों की माँ और माँ के बुढ़ापे की जिम्मेदारी।
इसके साथ ही पुस्तक में छोटी-छोटी भावनात्मक कहानियाँ, संदेश, विचार और माँ के प्रति हमारी जिम्मेदारियों से जुड़े प्रसंग भी शामिल हैं, ताकि पाठक केवल पढ़े नहीं, बल्कि इस रिश्ते को अपने जीवन में महसूस भी करे।
यह पुस्तक आपको क्यों पढ़नी चाहिए?
क्योंकि यह पुस्तक केवल माँ के बारे में नहीं है।
यह आपके बचपन के बारे में है।
यह उन यादों के बारे में है जिन्हें आपने कहीं पीछे छोड़ दिया है।
यह उस हाथ के बारे में है जिसने आपको चलना सिखाया।
यह उस आवाज़ के बारे में है जो आज भी आपका हाल पूछती है।
और यह उस प्रेम के बारे में है जिसका कोई विकल्प नहीं।
यदि आपकी माँ आपके साथ हैं, तो यह पुस्तक आपको उनके साथ कुछ और समय बिताने की प्रेरणा दे सकती है।
यदि आप उनसे दूर हैं, तो शायद आपको उन्हें फोन करने का मन करे।
और यदि आपकी माँ इस दुनिया में नहीं हैं, तो शायद उनकी यादों में आपको अपने जीवन का सबसे खूबसूरत हिस्सा फिर से दिखाई दे।
एक संदेश
माँ को खुश करने के लिए हमेशा बड़े उपहारों की जरूरत नहीं होती।
कभी उनके पास बैठना,
कभी उनका हाल पूछना,
कभी उनके हाथ का खाना साथ बैठकर खाना,
और कभी बस इतना कहना—
“माँ, आप मेरे लिए बहुत खास हैं।”
कई बार इतना ही काफी होता है।
“माँ — एक शब्द, पूरी दुनिया” उन सभी माताओं को समर्पित एक भावनात्मक प्रयास है, जिनका प्रेम हमारे जीवन की सबसे बड़ी ताकत है।
अगर इस पुस्तक का एक भी पन्ना आपको अपनी माँ की याद दिलाए, आपके चेहरे पर मुस्कान लाए या आपको माँ से बात करने के लिए प्रेरित करे, तो इस पुस्तक का उद्देश्य सफल माना जाएगा।
माँ के नाम—
माँ वह छाया है जिसके नीचे जीवन की सबसे बड़ी धूप भी छोटी लगती है।
पुस्तक की प्रमुख विशेषताएँ
माँ और संतान के रिश्ते की भावनात्मक समझ
माँ के प्रेम, त्याग और संघर्ष की सरल प्रस्तुति
भारतीय भाषाओं में “माँ” के अलग-अलग नाम
माँ और बेटी का रिश्ता
माँ और बेटे का रिश्ता
माँ और पिता की भूमिका
आधुनिक युग की माँ
माँ के सपने और इच्छाएँ
बच्चों के बड़े होने के बाद बदलता रिश्ता
माँ के बुढ़ापे और हमारी जिम्मेदारियाँ
दूर रहने वाले बच्चों और माँ की भावनाएँ
छोटी भावनात्मक कहानियाँ
माँ के लिए सुंदर संदेश और विचार
परिवार और मानवीय मूल्यों पर सकारात्मक संदेश
किसके लिए उपयोगी है?
यह पुस्तक बच्चों, विद्यार्थियों, युवाओं, माता-पिता, परिवारों और उन सभी पाठकों के लिए है जो माँ के प्रेम और रिश्तों की गहराई को समझना चाहते हैं।
यह एक ऐसी पुस्तक है जिसे आप पढ़ सकते हैं, परिवार के साथ साझा कर सकते हैं और अपनी माँ को समर्पित कर सकते हैं।
पाठकों से एक छोटी-सी अपील
अगर यह पुस्तक आपके दिल को छूती है, तो इसे अपने परिवार और दोस्तों के साथ साझा करें।
अपनी ईमानदार रेटिंग और समीक्षा जरूर दें। आपकी एक छोटी-सी प्रतिक्रिया लेखक और AKM Publication को आगे बेहतर पुस्तकें तैयार करने के लिए प्रेरित करती है।
क्योंकि अच्छी किताब तब और भी खास बन जाती है, जब उसका अच्छा विचार दूसरों तक भी पहुँचता है।
माँ को समय दीजिए।
माँ का सम्मान कीजिए।
माँ के साथ अपनी यादें संजोइए।
AKM Publication
ज्ञान • साहित्य • संस्कार • प्रेरणा
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