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राजमाता जिजाऊ — स्वराज्य की जननी एक ऐसी प्रेरणागाथा है, जो केवल एक महान ऐतिहासिक व्यक्तित्व का परिचय नहीं कराती, बल्कि यह बताती है कि एक माँ के संस्कार, विचार, साहस और दूरदृष्टि किस प्रकार आने वाली पीढ़ी के व्यक्तित्व और इतिहास की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
जिजाऊ का जीवन संघर्षों, जिम्मेदारियों, पारिवारिक परिस्थितियों और बदलते राजनीतिक वातावरण के बीच दृढ़ संकल्प की कहानी है। उन्होंने कठिन समय में अपने भीतर के साहस को बनाए रखा और अपने पुत्र शिवबा के व्यक्तित्व में स्वाभिमान, न्याय, धर्मनिष्ठा, प्रजा के प्रति संवेदना और स्वतंत्रता की भावना जैसे मूल्यों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह पुस्तक सिंदखेड की बालिका जिजाऊ से लेकर राजमाता जिजाऊ तक की प्रेरणादायक यात्रा को सरल, रोचक और भावपूर्ण भाषा में प्रस्तुत करती है। इसमें उनके पारिवारिक परिवेश, पिता लखुजीराजे जाधव से प्राप्त संस्कार, शहाजीराजे भोसले के साथ विवाह, तत्कालीन दक्कन की राजनीतिक परिस्थितियों, संघर्षपूर्ण जीवन और शिवबा के पालन-पोषण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को समझने का प्रयास किया गया है।
पुस्तक का एक महत्वपूर्ण पक्ष “माँ की पाठशाला” है—जहाँ शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं थी। साहस, सत्य, न्याय, आत्मसम्मान, जिम्मेदारी और प्रजा के प्रति कर्तव्य जैसे जीवन-मूल्यों को व्यवहार और संस्कारों के माध्यम से समझाया जाता था।
पुणे की धरती पर स्वराज्य के विचारों को आकार देने से लेकर शिवबा के स्वराज्य अभियान और आगे चलकर स्वराज्य की स्थापना तक जिजाऊ की प्रेरणा और भूमिका भारतीय इतिहास की स्मृति में विशेष स्थान रखती है।
यह पुस्तक विद्यार्थियों, इतिहास प्रेमियों, युवाओं, शिक्षकों, अभिभावकों और भारतीय इतिहास एवं संस्कृति को समझने वाले प्रत्येक पाठक के लिए उपयोगी है।
यह केवल एक माँ की कहानी नहीं है।
यह संस्कारों की शक्ति, मातृत्व की दृढ़ता और स्वराज्य के महान विचार की प्रेरणागाथा है।
पुस्तक की प्रमुख विशेषताएँ
• राजमाता जिजाऊ के जीवन और व्यक्तित्व की प्रेरणादायक यात्रा
• सिंदखेड के पारिवारिक एवं सामाजिक परिवेश की झलक
• लखुजीराजे जाधव के संस्कारों का प्रभाव
• शहाजीराजे भोसले से विवाह और बदलती परिस्थितियाँ
• संघर्षों के बीच मातृत्व और जिम्मेदारी
• शिवबा के व्यक्तित्व निर्माण में संस्कारों की भूमिका
• पुणे में स्वराज्य के विचारों की पृष्ठभूमि
• न्याय, साहस, स्वाभिमान और स्त्री-सम्मान जैसे मूल्यों पर विशेष ध्यान
• इतिहास से वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरक सीख
• सरल, सहज और पाठक-अनुकूल हिंदी भाषा
यह पुस्तक किनके लिए है?
यह eBook विशेष रूप से:
विद्यार्थियों | प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों | इतिहास प्रेमियों | युवाओं | शिक्षकों | अभिभावकों | भारतीय संस्कृति में रुचि रखने वाले पाठकों | प्रेरणादायक जीवनियाँ पढ़ने वाले पाठकों
के लिए उपयोगी है।
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“एक माँ के संस्कारों ने इतिहास को दिशा दी।”
राजमाता जिजाऊ — स्वराज्य की जननी
एक प्रेरक जीवनगाथा • एक माँ का अदम्य साहस • स्वराज्य का महान स्वप्न
पुस्तक: राजमाता जिजाऊ — स्वराज्य की जननी
उपशीर्षक: एक माँ, संस्कार और स्वराज्य के महान स्वप्न की प्रेरणागाथा
भाषा: हिंदी
लेखक: Amol Mahajan
प्रकाशक: AKM Publication
संस्करण: प्रथम संस्करण
वर्ष: 2026
प्रारूप: eBook
ISBN: 978-81-68457-13-3
प्रकाशन: भारत
© Copyright
© 2026 Amol Mahajan
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