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सिख धर्म : इतिहास, दर्शन, गुरु परंपरा और खालसा की गौरवशाली विरासत (eBook)

सिख धर्म का विस्तृत परिचय — दस गुरु, गुरु ग्रंथ साहिब, खालसा पंथ, पाँच ककार, गुरुद्वारा, लंगर, सिख इतिहास, संस्कृति और विश्व में सिख समुदाय
Type: e-book
Genre: Religion & Spirituality, History
Language: Hindi
Price: ₹399
(Immediate Access on Full Payment)
Available Formats: PDF

Description

सिख धर्म : इतिहास, दर्शन, गुरु परंपरा और खालसा की गौरवशाली विरासत एक व्यापक और ज्ञानवर्धक पुस्तक है, जो सिख धर्म की उत्पत्ति से लेकर उसके ऐतिहासिक विकास, आध्यात्मिक दर्शन, दसों गुरुओं की महान परंपरा, गुरु ग्रंथ साहिब, खालसा पंथ, सिख संस्कृति और आधुनिक विश्व में सिख समुदाय की भूमिका तक की यात्रा को सरल, व्यवस्थित और सम्मानपूर्ण भाषा में प्रस्तुत करती है।

सिख धर्म केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सत्य, समानता, सेवा, ईमानदार परिश्रम, साहस, करुणा और मानवता पर आधारित एक प्रेरणादायक जीवन-दर्शन है। पंद्रहवीं शताब्दी में गुरु नानक देव जी द्वारा प्रारंभ हुई यह आध्यात्मिक और सामाजिक परंपरा आगे चलकर दस महान गुरुओं के जीवन, शिक्षाओं और बलिदानों से विकसित हुई। इस पुस्तक में इसी गौरवशाली यात्रा को क्रमबद्ध रूप से समझाने का प्रयास किया गया है।

पुस्तक की शुरुआत सिख धर्म के मूल स्वरूप और उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से होती है। पाठक जान सकते हैं कि सिख धर्म के उदय के समय भारतीय समाज की परिस्थितियाँ कैसी थीं, गुरु नानक देव जी ने मानवता को कौन-सा संदेश दिया और उनके विचारों ने समाज को किस प्रकार नई दिशा प्रदान की।

इसके बाद पुस्तक दसों सिख गुरुओं की महान परंपरा की ओर आगे बढ़ती है। गुरु अंगद देव जी से लेकर गुरु गोबिंद सिंह जी तक प्रत्येक गुरु के जीवन, योगदान, शिक्षाओं और ऐतिहासिक महत्व को समझने का अवसर मिलता है। विशेष रूप से गुरु अर्जन देव जी, गुरु हरगोबिंद साहिब जी, गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोबिंद सिंह जी के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को सिख इतिहास की व्यापक पृष्ठभूमि में समझाया गया है।

पुस्तक का एक महत्वपूर्ण भाग गुरु ग्रंथ साहिब को समर्पित है। इसमें इसके ऐतिहासिक विकास, आध्यात्मिक महत्व, गुरबाणी और मानवता के लिए इसके संदेश का परिचय दिया गया है। इसके साथ ही खालसा पंथ की स्थापना, वैसाखी 1699, पंच प्यारे और पाँच ककार की परंपरा को भी सरल भाषा में समझाया गया है।

सिख धर्म की विशिष्ट पहचान उसके धार्मिक सिद्धांतों के साथ-साथ उसकी सामाजिक परंपराओं में भी दिखाई देती है। इसलिए इस पुस्तक में गुरुद्वारा, लंगर, सेवा, अरदास, नितनेम, कीर्तन और गुरबाणी जैसे विषयों को विशेष स्थान दिया गया है। लंगर की परंपरा के माध्यम से समानता और निःस्वार्थ सेवा की भावना को समझाया गया है, जबकि गुरुद्वारा व्यवस्था और सामुदायिक जीवन के माध्यम से सिख समाज की एकता और सेवा-परंपरा का परिचय मिलता है।

सिख इतिहास संघर्ष, साहस और बलिदान की प्रेरणादायक घटनाओं से भी समृद्ध है। पुस्तक में सिख-मुगल संघर्ष, शहादत की परंपरा, चार साहिबज़ादों का अद्वितीय बलिदान, बंदा सिंह बहादुर का संघर्ष तथा महाराजा रणजीत सिंह के नेतृत्व में सिख साम्राज्य के विकास का परिचय दिया गया है।

इसके साथ ही पुस्तक सिख संस्कृति और दैनिक जीवन की ओर भी ध्यान देती है। सिख पहनावा, पारिवारिक मूल्य, सामाजिक परंपराएँ, प्रमुख पर्व और उत्सव, गुरुद्वारों की भूमिका तथा विश्वभर में सिख समुदाय की सांस्कृतिक पहचान जैसे विषयों को सरल और व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत किया गया है।

पुस्तक का एक विशेष भाग विश्व के प्रसिद्ध गुरुद्वारों और सिख धार्मिक विरासत से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों को समर्पित है। हरमंदिर साहिब से लेकर प्रमुख तख्तों और अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों तक, पाठक सिख धर्म की महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकते हैं।

आज सिख समुदाय भारत के साथ-साथ कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, इटली और विश्व के अनेक अन्य देशों में सक्रिय है। पुस्तक में आधुनिक विश्व में सिख समुदाय की भूमिका, शिक्षा, व्यवसाय, सामाजिक सेवा, मानवीय सहायता और वैश्विक सांस्कृतिक पहचान का भी परिचय दिया गया है।

इस पुस्तक की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें सिख धर्म को केवल ऐतिहासिक घटनाओं के माध्यम से नहीं देखा गया है, बल्कि उसके मूल जीवन-मूल्यों को भी समझने का प्रयास किया गया है। नाम जपना, किरत करनी और वंड छकना जैसे सिद्धांत आज के आधुनिक जीवन में भी व्यक्ति को ईमानदारी, अनुशासन, आध्यात्मिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रेरणा दे सकते हैं।

यह पुस्तक विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले पाठकों, इतिहास एवं धर्म के अध्ययन में रुचि रखने वाले लोगों तथा उन सभी पाठकों के लिए उपयोगी हो सकती है जो सिख धर्म को व्यवस्थित और व्यापक रूप से समझना चाहते हैं।

पुस्तक का उद्देश्य किसी धार्मिक मत की तुलना करना या किसी समुदाय की आलोचना करना नहीं है। इसका उद्देश्य सिख धर्म के इतिहास, दर्शन, परंपराओं, संस्कृति और मानवीय मूल्यों को सम्मानपूर्ण, संतुलित और ज्ञानवर्धक रूप में प्रस्तुत करना है।

सिख धर्म हमें सत्य के साथ जीने, ईमानदारी से परिश्रम करने, अपनी कमाई में दूसरों का हिस्सा देखने, जरूरतमंदों की सेवा करने और अन्याय के विरुद्ध साहसपूर्वक खड़े होने की प्रेरणा देता है।

यदि आप सिख धर्म की शुरुआत से लेकर आधुनिक विश्व तक की पूरी यात्रा को एक ही पुस्तक में समझना चाहते हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए एक उपयोगी ज्ञानयात्रा हो सकती है।

ज्ञान प्राप्त कीजिए। इतिहास को समझिए। गुरु परंपरा से परिचित होइए। और मानवता, सेवा तथा समानता के उस संदेश को जानिए जो सिख धर्म की महान विरासत का आधार है।

पुस्तक की प्रमुख विशेषताएँ

• सिख धर्म का व्यापक और व्यवस्थित परिचय
• सिख धर्म की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
• गुरु नानक देव जी का जीवन और संदेश
• दसों सिख गुरुओं की परंपरा
• गुरु ग्रंथ साहिब का महत्व
• खालसा पंथ की स्थापना
• पाँच ककार और उनका महत्व
• गुरुद्वारा और सिख मर्यादा
• लंगर और सेवा की परंपरा
• अरदास, नितनेम, कीर्तन और गुरबाणी
• सिख इतिहास के प्रमुख संघर्ष
• चार साहिबज़ादों का बलिदान
• बंदा सिंह बहादुर का योगदान
• महाराजा रणजीत सिंह और सिख साम्राज्य
• सिख संस्कृति और जीवन-मूल्य
• प्रमुख सिख पर्व एवं उत्सव
• विश्व के प्रसिद्ध गुरुद्वारे
• आधुनिक विश्व में सिख समुदाय
• सिख धर्म की प्रेरणादायक शिक्षाएँ
• महत्वपूर्ण तथ्य और रोचक जानकारी
• अध्यायवार सारांश

यह पुस्तक किनके लिए उपयोगी है?

विद्यार्थियों के लिए: सिख धर्म और भारतीय इतिहास की मूलभूत जानकारी समझने के लिए।

शिक्षकों के लिए: धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विषयों की अतिरिक्त अध्ययन सामग्री के रूप में।

प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए: सिख इतिहास, गुरु परंपरा और भारतीय संस्कृति से जुड़े सामान्य ज्ञान के अध्ययन के लिए।

शोध एवं अध्ययन में रुचि रखने वालों के लिए: विषय की क्रमबद्ध समझ विकसित करने के लिए।

सामान्य पाठकों के लिए: सिख धर्म के इतिहास, दर्शन और संस्कृति को सरल भाषा में जानने के लिए।

युवा पाठकों के लिए: सेवा, समानता, अनुशासन, साहस और मानवता जैसे जीवन-मूल्यों से प्रेरणा लेने के लिए।

पुस्तक में शामिल प्रमुख विषय

सिख धर्म • गुरु नानक देव जी • दस सिख गुरु • गुरु ग्रंथ साहिब • खालसा पंथ • पाँच ककार • गुरुद्वारा • लंगर • सेवा • गुरबाणी • अरदास • सिख इतिहास • चार साहिबज़ादे • बंदा सिंह बहादुर • महाराजा रणजीत सिंह • सिख संस्कृति • सिख पर्व • प्रसिद्ध गुरुद्वारे • वैश्विक सिख समुदाय • मानवता और सेवा

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About the Author

प्रिय पाठकों,

मैं आपका इस पुस्तक में हार्दिक स्वागत करता हूँ।

जब मैंने सिख धर्म पर लिखने का निर्णय लिया, तब मेरा उद्देश्य केवल ऐतिहासिक घटनाओं का संग्रह प्रस्तुत करना नहीं था। मेरी इच्छा थी कि मैं एक ऐसी पुस्तक तैयार करूँ जो सिख धर्म के इतिहास, दर्शन, गुरु परंपरा, खालसा की गौरवशाली विरासत और मानवता के लिए उसके अमूल्य संदेश को सरल, प्रामाणिक और प्रेरणादायक रूप में आपके सामने प्रस्तुत करे।

इस पुस्तक को तैयार करते समय मैंने उपलब्ध ऐतिहासिक और साहित्यिक स्रोतों का अध्ययन किया तथा प्रत्येक विषय को संतुलित, सम्मानपूर्ण और सरल भाषा में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। मेरा विश्वास है कि ज्ञान तभी सार्थक होता है जब वह लोगों को जोड़ने, समझ बढ़ाने और अच्छे मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दे।

मैं मानता हूँ कि सिख धर्म हमें केवल धार्मिक शिक्षा ही नहीं देता, बल्कि सत्य, सेवा, समानता, ईमानदारी, साहस, अनुशासन और मानव कल्याण जैसे ऐसे जीवन-मूल्य भी सिखाता है जो हर व्यक्ति के लिए उपयोगी हैं। यही कारण है कि इस पुस्तक में केवल इतिहास ही नहीं, बल्कि उन शिक्षाओं को भी स्थान दिया गया है जिन्हें हम अपने दैनिक जीवन में अपना सकते हैं।

यदि इस पुस्तक को पढ़ने के बाद आपके मन में सिख धर्म के प्रति अधिक सम्मान, जिज्ञासा और समझ विकसित होती है तथा आप मानवता और सेवा के इन महान आदर्शों से प्रेरित होते हैं, तो मैं अपने इस प्रयास को सफल मानूँगा।

आपके सुझाव, विचार और प्रतिक्रिया मेरे लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे। आपके सहयोग और विश्वास के लिए मैं हृदय से आपका धन्यवाद करता हूँ।

सप्रेम,

अमोल महाजन

लेखक

Book Details

ISBN: 9788168911406
Publisher: AKM Publication
Number of Pages: 240
Availability: Available for Download (e-book)

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