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फिर मिलने की उम्मीद है
कुछ मुलाकातें अचानक होती हैं, लेकिन उनकी यादें जिंदगी भर साथ रहती हैं।
यह कहानी एक ऐसे सफर की है, जहाँ ट्रेन में हुई एक अनजान मुलाकात धीरे-धीरे बातचीत, दोस्ती और कुछ अनकहे एहसासों में बदल जाती है।
एक साधारण-सी ट्रेन यात्रा, दो अनजान चेहरे, कुछ छोटी-छोटी बातें और फिर WhatsApp पर शुरू हुआ एक नया सिलसिला।
क्या हर मुलाकात का कोई खास मतलब होता है? क्या कुछ रिश्ते बिना किसी नाम के भी दिल के करीब आ जाते हैं?
यह किताब दोस्ती, उम्मीद, इंतजार और उन भावनाओं की कहानी है, जिन्हें शब्दों में बयां करना हमेशा आसान नहीं होता।
कभी-कभी कुछ कहानियाँ पूरी नहीं होतीं, फिर भी यादों में हमेशा जिंदा रहती हैं।
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