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वर्दी के पीछे का इंसान - एक भारतीय जवान की डायरी
क्या आपने कभी सोचा है, उस कड़क वर्दी और अनुशासन के पीछे कैसे इंसान रहता है?
ये किताब एक भारतीय जवान की निजी डायरी है। इसमें है:
1. पहला कदम: ट्रेनिंग सेंटर के पहले दिन का डर और गर्व
2. ड्यूटी की चाय: 10 मिनट की चाय में पूरा परिवार कैसे मिल जाता है
3. तनाव से विजय तक: एक जवान नींद, घर की चिंता और तनाव से कैसे जीतता है
4. नेतृत्व की गरिमा: एक जवान के लिए उसके अधिकारी पिता और गुरु क्यों होते हैं
यह किसी एक की कहानी नहीं, यह हर उस वीर की गाथा है जो अपने परिवार से दूर रहकर भारत माता की सेवा में लीन है।
अस्वीकरण: यह एक साहित्यिक कृति है। इसमें किसी भी वास्तविक सैन्य अभियान, संवेदनशील क्षेत्र, पोस्टिंग स्थान या खुफिया जानकारी का उल्लेख नहीं है। इसमें व्यक्त विचार लेखक के निजी विचार हैं।
लेखक: KIRIT MOHAN
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