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"रामनगर: 422 वर्षों का अनसुना इतिहास" रामनगर की 422 वर्षों की गौरवगाथा को मुगलकाल से लेकर वर्तमान तक प्रस्तुत करने वाला एक ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक दस्तावेज़ है। यह कृति दुर्लभ दस्तावेज़ों, प्रामाणिक प्रमाणों और गहन शोध के आधार पर रामनगर की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विरासत को पहली बार व्यवस्थित रूप से जगत के समक्ष प्रस्तुत करती है।
पुस्तक में भारत के स्वतंत्रता संग्राम एवं राष्ट्रीय सुरक्षा में रामनगर के योगदान का भी विशद वर्णन है। एक पूर्व सैनिक के सैन्य अनुशासन एवं गहन शोध-दृष्टि से रचित यह ग्रंथ, रामनगर की इस अनकही गाथा को व्यवस्थित रूप से पाठकों तक पहुँचाता है।
190 से अधिक देशों में उपलब्ध।
उपलब्धता: Amazon, Google Play, Pothi.com, Internet Archive, Hugendubel
वेबसाइट: www.nareshswaminimbark.in
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