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सनातन भारत — नया सवेरा’ अक्टूबर 2026 का 21वाँ अंक एक मासिक ई-पत्रिका है, जिसका उद्देश्य सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति, इतिहास, मानवीय मूल्यों और समाजोपयोगी विचारों का प्रचार-प्रसार करना है।
इस अंक में रामायण के लंका कांड से संबंधित प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से धर्म, साहस, कर्तव्य, निष्ठा और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश प्रस्तुत किया गया है। इसके साथ ही मानवीय संवेदना, परिवार के प्रति समर्पण, संघर्ष, सेवा, सम्मान और जीवन के प्रेरक अनुभवों पर आधारित लेख भी शामिल हैं।
इस अंक का एक प्रमुख विषय है—‘सनातन धर्म क्यों जरूरी है?’ यह लेख सत्य, करुणा, सेवा, संयम, कर्तव्य, सामाजिक सद्भाव और नैतिक जीवन-मूल्यों की प्रासंगिकता पर विचार प्रस्तुत करता है।
इस अंक के प्रमुख विषय
* रामायण के लंका कांड से प्रेरक प्रसंग
* श्रीराम के आदर्श और धर्म की महत्ता
* मानवीय संवेदना, त्याग और सेवा
* जीवन के प्रेरक अनुभव और सम्मान
* आधुनिक समाज में सनातन धर्म की प्रासंगिकता
* सत्य, करुणा, कर्तव्य और सामाजिक सद्भाव
यह पत्रिका पाठकों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने, नैतिक मूल्यों पर विचार करने और सनातन परंपरा के जीवनोपयोगी संदेशों को समझने का प्रयास है।
संस्थापक एवं संपादक: नरेश दास वैष्णव निम्बार्क
परिचय: लेखक | शोधकर्ता | इतिहासकार
जन्मस्थान: ग्राम रामनगर, गन्नौर, जिला सोनीपत, हरियाणा
वेबसाइट: www.nareshswaminimbark.in
यह ई-पत्रिका सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से पाठकों तक पहुँचाई जा रही है।
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