Description
छठी शताब्दी में आरंभ हुई देवदासी प्रथा विडंबना है कि इक्कीसवीं सदी में भी कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और उड़ीसा की धरती पर जीवित बनी हुई है। इस परंपरा के अंतर्गत निर्धन और विवश माता-पिता अपनी किशोर वय बेटियों को देवता से विवाह के नाम पर मंदिर की चौखट पर छोड़ आते हैं, मानो आस्था की आड़ में अपनी ही संतानों का समर्पण कर रहे हों। कभी किसी मनोकामना की सिद्धि, तो कभी पुत्र-प्राप्ति की कामना में यह अमानवीय प्रथा अपनाई जाती रही है। देवता के नाम पर समर्पित इन युवतियों को ही “देवदासी” कहा जाता है। इसके बाद आरंभ होता है उनके जीवन का सबसे यातनापूर्ण अध्याय-अनवरत यौन शोषण का, जो उनकी अंतिम साँस तक उनका पीछा नहीं छोड़ता; और यदि इस शोषण से जन्मी संतान कन्या हो, तो उसका भाग्य भी उसी अभिशप्त मार्ग पर नियत कर दिया जाता है। युग बदले, समय बदला, पर स्त्री को समाज ने प्रायः बोझ ही माना। ‘कन्यादान’ जैसी कुप्रथा इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। बेटी को पराया धन मानकर उसकी इच्छा-अनिच्छा जाने बिना किसी अपरिचित व्यक्ति से बाँध देना; ऐसे संबंध या तो समय से पहले टूट जाते हैं अथवा दोनों पक्ष विवश होकर जीवन भर ढोते रहते हैं।
नवल किशोर सोनी
माता-पिता : स्व.श्रीमती कमला देवी, स्व. श्री लड्डू लाल सोनी
जन्म: 10 नवम्बर 1974, माँगरोल, जिला बारां, राजस्थान
जीवन संगिनी: श्रीमती मंजू सोनी (प्राध्यापिका, राजकीय सीनियर माध्यमिक विद्यालय, अजमेर)
पुत्री: नव्या सोनी (अध्ययनरत)
शिक्षा: M.A. B.Ed, LL.B & MSW
सामाजिक सरोकारों से विशेष जुड़ाव। साहित्य कलाओं में अभिरुचि। बोधि प्रकाशन, जयपुर से निराशाओं के पार काव्य संग्रह (2022) प्रकाशित, अर्पिता : एक देवदासी (उपन्यास) प्रकाशित, रिश्ता तेरा मेरा (दो न्यायाधीशों की प्रेम कहानी), उपन्यास (2026) प्रकाशित, कहानियों के आईने में जीवन कौशल (21वीं सदी के जीवन कौशलों पर आधारित कहानियाँ) पुस्तक प्रकाशित, शिक्षा में सुधार : चुनौतियाँ एवं संभावनाएं -पुस्तक प्रकाशित (2026)। आओ, तुम्हें मैं मीत लिखूँ (काव्य संग्रह) प्रकाशित, कविता, कहानी एवं समसामयिक विषयों पर विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में निरन्तर लेखन। 'शिक्षा विमर्श' पत्रिका में शिक्षा पर विभिन्न आलेख प्रकाशित। प्रतिलिपि ऐप पर निरंतर कविताएँ, कहानियाँ और लेख प्रकाशित। शिक्षा और कानून से जुड़े मुद्दों पर संवाद और लेखन में रुचि। शिक्षा के माध्यम से बदलाव हेतु प्रयासरत।
यूनिसेफ, ऑक्सफेम, केयर इण्डिया, दिगंतर, सेव द चिल्ड्रन जैसी संस्थाओं के साथ जुड़कर विभिन्न शैक्षिक परियोजनाओं के संचालन में सहयोग। समता शिक्षा समिति, शैक्षिक सरोकार मंच और तार्किक दुनिया के संस्थापक।
वर्तमान में बालिका शिक्षा के लिए कार्यरत रमन मैग्सेसे अवॉर्डी संस्था एजुकेट गर्ल्स के लिए शिक्षाक्रम, पाठ्यक्रम और विषयवस्तु निर्माण के कार्य में संलग्न ।
सम्पर्क : मकान नंबर-15, विनायक विहार
गणपतपुरा, मानसरोवर,जयपुर 302020
ई-मेल navalkishor.s@gmail.com