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डिस्क्रिप्शन ( Book Description)
क्या होगा अगर कोई कातिल आपके शरीर को छुए बिना, सिर्फ आपकी यादों का कत्ल कर दे?
दक्षिण दिल्ली के एक आलीशान अपार्टमेंट में ३० साल का साहिल अपने बिस्तर पर बैठा है। उसकी सांसें चल रही हैं, दिल धड़क रहा है, और आँखें खुली हैं—लेकिन वह ज़िंदा नहीं है। मेडिकल साइंस हैरान है क्योंकि उसके शरीर पर खरोंच तक नहीं है, पर उसके दिमाग का न्यूरो-मैप पूरी तरह खाली हो चुका है। जैसे किसी ने उसके वजूद को ही कंप्यूटर की तरह 'फॉर्मेट' कर दिया हो। यह इस सदी का सबसे क्रूर और अनोखा कत्ल है—'द मेमोरी वॉइड' (The Memory Void)।
इस केस की कमान संभालते हैं इंस्पेक्टर आर्यावर्त, जिनका सामना होता है शहर की सबसे रहस्यमयी कंपनी 'द ड्रीम वॉल्ट' की मालकिन और न्यूरो-साइंटिस्ट डॉ. नताशा से। नताशा यादों की सौदागर है, जो इंसानों के दिमाग से उनके बुरे हादसों को मिटाने और अमीर लोगों में दूसरों का हुनर ट्रांसफर करने का धंधा करती है। लेकिन इस आलीशान एम्पायर के पीछे छिपा है साहिल और नताशा का एक पुराना, जुनूनी और खौफनाक इश्क़, जो सत्ता की भूख और दगाबाज़ी की भेंट चढ़ गया।
जब साहिल का खाली दिमाग एक डिजिटल वायरस 'The Void Man' बनकर इंटरनेट के सर्वर्स से नताशा के साम्राज्य को तबाह करने निकलता है, तो पूरी इंसानियत एक मानसिक महामारी की कगार पर आ खड़ी होती है।
क्या इंस्पेक्टर आर्यावर्त एक ऐसे कातिल को पकड़ पाएंगे जो कोई इंसान नहीं, बल्कि एक डिजिटल साया बन चुका है? क्या तकनीक की इस अंधी दौड़ में सच्चे प्यार और प्रायश्चित की कोई जगह बचेगी?
रहस्य, रोमांच, अधूरे इश्क़ और डिजिटल महाविनाश की एक ऐसी अभूतपूर्व कहानी, जो आज तक न किसी ने सोची और न किसी राइटर ने लिखी!
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