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"वह भी मुझसे प्रेम करती ह"ै केवल एक काव्य-संग्रह नहीं, बिल्क उन अनिगनत प्रेम कहािनयां की भावपूणर् अिभव्यिक्त है जो कभी शब्दां तक नहीं पहुच ँ पातीं। यह उन हृदयां की कहानी है
जो एक-दूसरेको गहराईर्से समझते हैं, एक-दूसरेसे िनस्सीम प्रेम करते हैं, परंतु पिरवार, समाज, परंपराओं और पिरिस्थितयां केसम्मान मं अपने प्रेम को मौन रहने देते हैं।
ईस संग्रह की तीस किवताएँप्रेम की एक एसी े यात्रा रचती हैं, जहाँ पहली दृिष्ट का ओकषर्ण धीरे-धीरेओित्मक िवश्वास मं बदलता है। यहाँ ओखं ँ संवाद करती हैं, चुिप्पयाँ स्वीकार करती
हैं, हवाएँसंदेश लाती हैं, वषार् स्मृितयां को िभगोती है, चाँद प्रेम का साक्षी बनता है और प्रकृित का प्रत्येक स्वर दो प्रेमी हृदयां की अनकही कथा कहता है।
ईन किवताओं मं प्रेम अिधकार का ओग्रह नहीं करता, बिल्क सम्मान, धैयर्, िवश्वास और त्याग का स्वर बनकर उभरता है। यहाँ िवरह िनराशा नहीं, बिल्क प्रेम की गहराईर्का प्रमाण है। दूरी
अलगाव नहीं, बिल्क ओत्माओं के अटूट संबंध का िवस्तार है। प्रतीक्षा यहाँ पीड़ा भी है और ओशा भी; मौन यहाँ कमजोरी नहीं, बिल्क सबसे सशक्त स्वीकार है।
यह संग्रह पाठक को प्रेम के उस रूप से पिरिचत कराता है जो बाहरी प्रदशर्न से परेहै—जहाँ सच्चा प्रेम िकसी को बाँधता नहीं, बिल्क उसकी खुिशयां, उसके पिरवार, उसकेसम्मान और
उसकेिनणर्यां को अपने प्रेम से भी ऊपर स्थान देता है। यही त्याग ईस पुस्तक की सबसे बड़ी शिक्त है।
प्रकृित ईस काव्य-संग्रह की ओत्मा है। ऋतुओं का पिरवतर्न, नदी का प्रवाह, गुलमोहर की छाँव, वषार् की बूदँ ं, पिक्षयां का संगीत, संध्या का मौन और चाँदनी की शीतलता—ये सभी प्रेम की
भावनाओं को और अिधक गहन, साैंदयर्मय तथा जीवंत बनाते हैं।
यह पुस्तक उन सभी पाठकां केिलए है िजन्हांने कभी िकसी की ओखां ँ मं अपना संसार देखा हो, िकसी की चुप्पी मं प्रेम सुना हो, िकसी केिलए प्राथर्ना की हो, या िकसी अधूरेसंबंध को
जीवनभर अपने हृदय मं सम्मानपूवर्क सजोकर ँ रखा हो। यह संग्रह बताता है िक प्रेम का मूल्य केवल िमलन मं नहीं, बिल्क उसकी पिवत्रता, िनष्ठा और ओित्मक गिरमा मं िनिहत है।
"वह भी मुझसे प्रेम करती ह"ै एक एसी े काव्य-यात्रा है जो प्रेम को शब्दां से अिधक अनुभूित, अिधकार से अिधक िवश्वास, िमलन से अिधक समपर्ण और समय से अिधक शाश्वत बनाकर
प्रस्तुत करती है। यह उन सभी मौन प्रेिमयां को समिपर्त है, िजनकी कहािनयाँ ईितहास मं भले न िलखी गईर्हां, परंतु िजनके प्रेम ने मानव हृदय को प्रेम की सबसे िनमर्ल पिरभाषा दी है।
यिद ईन किवताओं को पढ़ते हुए ओपके भीतर कोईर्पुरानी स्मृित मुस्कुरा उठे, कोईर्अधूरा संवाद िफर से जीिवत हो जाए, या ओपको यह अनुभव हो िक सच्चा प्रेम कभी समाप्त नहीं होता
—तो यही ईस पुस्तक की सबसे बड़ी उपलिब्ध होगी।
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