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वह भी मुझसे प्रेम करती है (eBook)

मौन प्रेम की तीस अनकही किवताएँ
Type: e-book
Genre: Romance, Poetry
Language: Hindi
Price: ₹81
(Immediate Access on Full Payment)
Available Formats: PDF

Description

"वह भी मुझसे प्रेम करती ह"ै केवल एक काव्य-संग्रह नहीं, बिल्क उन अनिगनत प्रेम कहािनयां की भावपूणर् अिभव्यिक्त है जो कभी शब्दां तक नहीं पहुच ँ पातीं। यह उन हृदयां की कहानी है
जो एक-दूसरेको गहराईर्से समझते हैं, एक-दूसरेसे िनस्सीम प्रेम करते हैं, परंतु पिरवार, समाज, परंपराओं और पिरिस्थितयां केसम्मान मं अपने प्रेम को मौन रहने देते हैं।
ईस संग्रह की तीस किवताएँप्रेम की एक एसी े यात्रा रचती हैं, जहाँ पहली दृिष्ट का ओकषर्ण धीरे-धीरेओित्मक िवश्वास मं बदलता है। यहाँ ओखं ँ संवाद करती हैं, चुिप्पयाँ स्वीकार करती
हैं, हवाएँसंदेश लाती हैं, वषार् स्मृितयां को िभगोती है, चाँद प्रेम का साक्षी बनता है और प्रकृित का प्रत्येक स्वर दो प्रेमी हृदयां की अनकही कथा कहता है।
ईन किवताओं मं प्रेम अिधकार का ओग्रह नहीं करता, बिल्क सम्मान, धैयर्, िवश्वास और त्याग का स्वर बनकर उभरता है। यहाँ िवरह िनराशा नहीं, बिल्क प्रेम की गहराईर्का प्रमाण है। दूरी
अलगाव नहीं, बिल्क ओत्माओं के अटूट संबंध का िवस्तार है। प्रतीक्षा यहाँ पीड़ा भी है और ओशा भी; मौन यहाँ कमजोरी नहीं, बिल्क सबसे सशक्त स्वीकार है।
यह संग्रह पाठक को प्रेम के उस रूप से पिरिचत कराता है जो बाहरी प्रदशर्न से परेहै—जहाँ सच्चा प्रेम िकसी को बाँधता नहीं, बिल्क उसकी खुिशयां, उसके पिरवार, उसकेसम्मान और
उसकेिनणर्यां को अपने प्रेम से भी ऊपर स्थान देता है। यही त्याग ईस पुस्तक की सबसे बड़ी शिक्त है।
प्रकृित ईस काव्य-संग्रह की ओत्मा है। ऋतुओं का पिरवतर्न, नदी का प्रवाह, गुलमोहर की छाँव, वषार् की बूदँ ं, पिक्षयां का संगीत, संध्या का मौन और चाँदनी की शीतलता—ये सभी प्रेम की
भावनाओं को और अिधक गहन, साैंदयर्मय तथा जीवंत बनाते हैं।
यह पुस्तक उन सभी पाठकां केिलए है िजन्हांने कभी िकसी की ओखां ँ मं अपना संसार देखा हो, िकसी की चुप्पी मं प्रेम सुना हो, िकसी केिलए प्राथर्ना की हो, या िकसी अधूरेसंबंध को
जीवनभर अपने हृदय मं सम्मानपूवर्क सजोकर ँ रखा हो। यह संग्रह बताता है िक प्रेम का मूल्य केवल िमलन मं नहीं, बिल्क उसकी पिवत्रता, िनष्ठा और ओित्मक गिरमा मं िनिहत है।
"वह भी मुझसे प्रेम करती ह"ै एक एसी े काव्य-यात्रा है जो प्रेम को शब्दां से अिधक अनुभूित, अिधकार से अिधक िवश्वास, िमलन से अिधक समपर्ण और समय से अिधक शाश्वत बनाकर
प्रस्तुत करती है। यह उन सभी मौन प्रेिमयां को समिपर्त है, िजनकी कहािनयाँ ईितहास मं भले न िलखी गईर्हां, परंतु िजनके प्रेम ने मानव हृदय को प्रेम की सबसे िनमर्ल पिरभाषा दी है।
यिद ईन किवताओं को पढ़ते हुए ओपके भीतर कोईर्पुरानी स्मृित मुस्कुरा उठे, कोईर्अधूरा संवाद िफर से जीिवत हो जाए, या ओपको यह अनुभव हो िक सच्चा प्रेम कभी समाप्त नहीं होता
—तो यही ईस पुस्तक की सबसे बड़ी उपलिब्ध होगी।

About the Author

रूपेश रंजन समकालीन िहंदी सािहत्य के उन रचनाकारां मं हैं िजनकी लेखनी मानवीय संवेदनाओं, प्रेम, सामािजक सरोकारां, राष्ट्रचेतना, जीवन-दशर्न और ओित्मक अनुभूितयां को सहज,
भावपूणर् और काव्यात्मक भाषा मं अिभव्यक्त करती है। उनकी रचनाओं मं शब्द केवल अलंकरण नहीं, बिल्क हृदय की अनुभूितयां का जीवंत िवस्तार बनकर उभरते हैं।
प्रेम को वे केवल िमलन का उत्सव नहीं मानते, बिल्क िवश्वास, सम्मान, त्याग, प्रतीक्षा और ओित्मक समपर्ण का सबसे पिवत्र रूप मानते हैं। उनकी किवताओं मं प्रकृित, ऋतुएँ, चाँद, वषार्,
निदयाँ, हवाएँऔर फूल केवल दृश्य नहीं, बिल्क भावनाओं के मौन साक्षी बन जाते हैं।
"वह भी मुझसे प्रेम करती ह"ै उनका एक एसा े काव्य-संग्रह है जो अनकहे प्रेम की गहराइयां को शब्द देता है। यह संग्रह उन भावनाओं की यात्रा है जहाँ दो हृदय एक-दूसरेको समझते हैं, पर
पिरिस्थितयाँ उनके प्रेम को मौन रहने केिलए िववश कर देती हैं। इस पुस्तक की प्रत्येक किवता प्रेम की गिरमा, धैयर् और पिवत्रता का उत्सव है।
रूपेश रंजन का िवश्वास है िक सािहत्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बिल्क ओत्ममंथन, संवेदना और मानवीय मूल्यां को सशक्त बनाने का एक प्रभावी साधन है। उनकी लेखनी
जीवन केिविवध रंगां को सरल, प्रभावशाली और हृदयस्पशीर् शब्दां मं पाठकां तक पहुचाने ँ का सतत प्रयास करती है।
वे मानते हैं िक सच्चा प्रेम कभी समाप्त नहीं होता; वह समय, दूरी और पिरिस्थितयां से परेजाकर स्मृितयां, प्राथर्नाओं और ओत्मा मं जीिवत रहता है। यही िवश्वास उनकी रचनाओं की
सबसे बड़ी शिक्त है।
रूपेश रंजन की सािहित्यक यात्रा का उद्दश्य े केवल किवताएँिलखना नहीं, बिल्क पाठकां के हृदय मं एसी े अनुभूितयाँ जगाना है जो उन्हं स्वयं से, अपने संबंधां से और जीवन केशाश्वत
मूल्यां से जोड़ सकं।

Book Details

Number of Pages: 504
Availability: Available for Download (e-book)

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