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अनुक्रम
प्रथम खण्ड — दर्शनक आधार
1. दर्शन की अछि?
2. प्रश्न, संशय आ प्रमाण
3. सत्य आ दृष्टिकोण
4. ज्ञानक सीमा
5. समानान्तर दर्शनक पद्धति
द्वितीय खण्ड — भारतीय दर्शन
6. वैदिक चिन्तन आ उपनिषदिक प्रश्न
7. सांख्य
8. योग
9. न्याय
10. वैशेषिक
11. पूर्वमीमांसा
12. वेदान्त
13. बौद्ध दर्शन
14. जैन दर्शन
15. लोकायत आ भौतिकवादी प्रश्न
16. भाषा, शब्द आ अर्थ
तृतीय खण्ड — मिथिलाक दार्शनिक समानान्तर परम्परा
17. विदेह: प्रश्नक भूगोल
18. याज्ञवल्क्य, गार्गी आ मैत्रेयी
19. न्याय-वैशेषिक आ मिथिलाक तार्किक संस्कार
20. उदयनाचार्य
21. वाचस्पति मिश्र
22. गङ्गेश उपाध्याय
23. नव्य-न्याय: भाषाक सूक्ष्म अनुशासन
24. लोक, शास्त्र आ समानान्तर मिथिला
चतुर्थ खण्ड — पाश्चात्य दर्शन
25. यूनानी प्रश्न
26. सुकरात, प्लेटो आ अरस्तू
27. मध्ययुगीन दर्शन
28. देकार्त, स्पिनोजा आ लाइबनित्स
29. लॉक, बर्कली आ ह्यूम
30. कान्ट
31. हेगेल आ द्वन्द्व
32. मार्क्स
33. कीर्केगार्द आ नीत्शे
34. प्रघटनावाद आ अस्तित्ववाद
35. विश्लेषणात्मक दर्शन
36. व्यवहारवाद
37. विज्ञान-दर्शन
पंचम खण्ड — सामाजिक आ राजनीतिक दर्शन
38. व्यक्ति आ समाज
39. राज्यक औचित्य
40. स्वतंत्रता
41. समानता
42. न्याय
43. जाति आ सामाजिक पदानुक्रम
44. वर्ग आ आर्थिक सत्ता
45. स्त्री, लिंग आ सत्ता
46. भाषा, क्षेत्र आ अस्मिता
47. लोकतन्त्र
48. गांधी
49. आम्बेडकर
षष्ठ खण्ड — धर्म-दर्शन
50. धर्म की अछि?
51. ईश्वरक प्रश्न
52. आस्था आ तर्क
53. दुःख आ अशुभक समस्या
54. कर्म, पुनर्जन्म आ मोक्ष
55. धर्मबहुलता
56. धर्म आ राज्य
57. लोकधर्म आ संस्थागत धर्म
सप्तम खण्ड — आधुनिक आ समकालीन दर्शन
58. आधुनिकता
59. विज्ञान आ मनुष्य
60. भाषा आ सत्ता
61. इतिहास आ स्मृति
62. ज्ञान आ डिजिटल संसार
63. कृत्रिम बुद्धि आ मनुष्यक उत्तरदायित्व
64. पर्यावरण आ भावी पीढ़ी
अष्टम खण्ड — गजेन्द्र ठाकुरक समानान्तर दर्शन
65. बहुप्रमाणीय विवेकवाद
66. सहअस्तित्वात्मक यथार्थवाद
67. गरिमा-आधारित नैतिकता
68. बहुकेन्द्रिक लोकतन्त्र
69. धर्मक विवेकपूर्ण बहुलता
70. समानान्तर इतिहास-दृष्टि
71. समानान्तर दर्शनक सूत्र
72. उपसंहार
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