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क्या मृत्यु सच में अंत है?
सदियों से यह प्रश्न मनुष्य के मन को घेरता रहा है। जब कोई प्रियजन बिछड़ता है, जब रात के अंधेरे में नींद नहीं आती, जब जीवन का अर्थ खोजा जाता है — तब यही एक प्रश्न उठता है: मृत्यु के बाद क्या?
यह पुस्तक उस प्रश्न का उत्तर है।
70 वर्ष से अधिक के जीवन अनुभव और 35 वर्षों की कोयला खानों की गहराइयों से उठा यह ज्ञान — जहाँ लेखक ने मृत्यु को करीब से देखा, समझा और जिया।
इस पुस्तक में आप जानेंगे:
• नींद, बेहोशी और कोमा — मृत्यु के छोटे-छोटे रूप जो हम रोज़ अनुभव करते हैं
• Near Death Experience (NDE) और Past Life Regression के वैज्ञानिक प्रमाण
• पुनर्जन्म का रहस्य — क्या चेतना सच में अमर है?
• ओशो का क्रांतिकारी संदेश: "मृत्यु केवल अज्ञान का नाम है"
• ध्यान — वह मार्ग जो मृत्यु के भय को जड़ से समाप्त करता है
• सुकरात, गुरु नानक देव और ओशो के विचारों का सार
यह पुस्तक किसके लिए है?
उन सभी के लिए जो मृत्यु से डरते हैं। उनके लिए जिन्होंने कोई प्रियजन खोया है। उनके लिए जो जीवन का गहरा अर्थ खोज रहे हैं।
इस पुस्तक को पढ़ने के बाद —
मृत्यु आपको उतनी भयावह नहीं लगेगी। और जब मृत्यु का भय मिटता है — जीवन उत्सव बन जाता है।
"जो मरणी वो जग डरे, मेरे मन आनंद।" — संत वाणी
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