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कुछ कहानियाँ कभी पूरी नहीं होतीं।
मोक्ष के लिए दुनिया हमेशा से एक दूरी रही है। स्कूल में सब उससे कतराते हैं, डरते हैं — क्योंकि एक दिन, बचपन में, उसके अंदर कुछ ऐसा जागा था जिसे वो खुद नहीं समझ पाया। तब से वो अकेला है। "मॉन्स्टर" कहलाया जाने वाला लड़का, जो अपनी ही खामोशी में कैद है।
फिर एक दिन, बिना कुछ कहे, तनिष्क उसके पास आ बैठती है।
धीरे-धीरे, मोक्ष सीखता है कि खामोशी भी गर्म हो सकती है, कि कोई इंतज़ार कर सकता है, कि आसमान की तरफ़ भी देखा जा सकता है। पहली बार, उसे लगता है कि शायद वो अकेला नहीं है।
लेकिन कुछ खुशियाँ उधार की होती हैं।
एक बारिश भरी शाम सब कुछ बदल देती है — एक हादसा, एक फैसला, और एक दरार, जो सिर्फ़ शीशे में नहीं, हक़ीक़त में भी उभरने लगती है। मोक्ष अब वो नहीं रहा जो पहले था। दर्द उसे छूता नहीं, मौत उसे रोकती नहीं — पर अंदर एक ही सवाल गूंजता रहता है:
"मैं ही क्यों?"
Between Shadow and Silence एक स्कूल रोमांस से शुरू होकर गहरी त्रासदी और अलौकिक रहस्य में बदलती कहानी है — प्यार, नुकसान और उस कीमत के बारे में जो कुछ लोगों को चुकानी पड़ती है जब दुनिया उन्हें कभी अपना नहीं मानती।
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